रोहतक। चैत्र शुक्ल पक्ष में विक्रम संवत के साथ नौ अप्रैल मंगलवार से वासंतिक नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही हैं। इसके लिए बाजार में दुकानों के बाहर फड़ी पर प्रसाद और चुनरिया लगा दी गई हैं। बाजार में चुनरियां दस रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक की चुनरिया बाजार में उपलब्ध हैं। मां दुर्गा के लिए प्रसाद के साथ चुनरी जरूर चढ़ाई जाती है।
सनातन धर्म में गृहस्थ जीवन की शुरुआत चुनरी से ही होती है। इस मान्यता के कारण हिंदू धर्म में चुनरी को महत्वता दी गई है। बाजार में लाल के साथ काली चुनरियां भी उपलब्ध हैं और उनकी खरीदारी भी की जा रही है। मां दुर्गा के नौ स्वरूप होते हैं। मां काली के अलावा सभी स्वरूप पर लाल चुनरी चढ़ाई जाती है। मां काली पर मान्यताओं के अनुसार मां काली की पसंद से काली चुनरी और सरसों का तेल चढ़ाया जाता हैं।
बॉक्स : नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के इस रूप को करें पूजा में यह अर्पण -
मां शैलपुत्री - उड़द की दाल, हल्दी, माला-फूल माला करें अर्पण
मां ब्रह्मचारिणी - तिल, शक्कर, चूड़ी, गुलाल, शहद
मां चंद्रघंटा - लाल वस्त्र, शहद, खीर, काजल
मां कूष्मांडा - दही, फल, सिंदूर, मसूर की दाल
मां स्कंदमाता - दूध, मेवा, कमलपुष्प, बिंदी
मां कात्यायनी - झंडी, दूर्वा घास
मां कालरात्रि - पतासा, इत्र, फल-पुष्प
मां महागौरी - पूड़ी, पीली मिठाई, कमलगट्टा, चंदन, वस्त्र
मां सिद्धिदात्री - खीर, सुहाग सामग्री, साबुदाना, अक्षत फल, पताशे