हरियाणा के रोहतक जिले में 120 से अधिक सूअरों की मौत हो चुकी है। इसकी वजह इनका अफ्रीकन स्वाइन फ्लू ग्रस्त होना है। इसके बावजूद पशुपालन विभाग की ओर से इसके मीट की बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई है। जबकि हेल्थ एक्सपर्ट इस समय इसके मीट को न खाने की सलाह दे रहे हैं। सूअर पालकों को डर है कि उनके सूअर एक-एक करके मर रहे हैं। यदि यह बीमारी नहीं रुकी तो वह आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाएंगे।
पशुपालन विभाग एक ओर स्थिति सामान्य बता रहा है, जबकि नगर पालिका लगातार मृत सूअरों को दफन कर रही है। सूअरों की मौत को देखते हुए शनिवार को भी पशुपालन विभाग की टीम ने कलानौर का दौरा किया और साथ ही अन्य उप मंडलों का निरीक्षण कर सभी को अलर्ट किया है।
फार्म हाउस में हो चुका वैक्सीनेशन, गलियों वालों की सुध नहीं
पशुपालन विभाग दावा कर रहा है कि सूअरों का वैक्सीनेशन हो चुका है। लेकिन यह व्यवस्था फार्म हाउस में रह रहे सूअरों की है। वहीं काफी संख्या में सूअर लोगों ने अपने घरों में पाल रखे हैं जोकि उनकी आजीविका का साधन हैं। अधिकारियों के अनुसार जिले में करीब 10 हजार सूअर हैं और कुछ दिन पहले ही विभाग ने सभी को वैक्सीन लगा दी है। लेकिन इन गलियों में पल रहे सूअरों के वैक्सीनेशन की सुध किसी को नहीं है।
विभाग का दावा : स्थिति काबू में है
वहीं पशुपालन विभाग दावा कर रहा है कि स्थिति काबू में है, सूअरों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। लेकिन गली-मोहल्लों में पाले जा रहे सूअरों का वैक्सीनेशन न होने से पशुपालक चिंतित हैं। सवाल उठ रहा है कि प्रशासन के पास पिग फार्म करने वालों का डाटा तो उपलब्ध है, लेकिन जो सूअर पालक घर में अपने स्तर पर इन्हें पाल रहे हैं उनका वैक्सीनेशन कौन करेगा। विभाग न ही इन तक पहुंच पा रहा है।
नपा ने दस सूअरों को फिर किया दफन
कस्बे में सूअरों में बीमारी के चलते दिन प्रतिदिन मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। शनिवार को नगरपालिका टीम ने 10 सूअर दफन किए हैं। हालांकि अभी तक विभाग के पास यह आंकड़ा स्पष्ट नहीं है कि इलाके में कुल सूअर कितने हैं। यह एक बड़ी लापरवाही हो सकती है। नपा चेयरपर्सन प्रवीण कुमारी ने बताया कि सूअर पालक सूअर मरने के बाद तालाब या इधर उधर के इलाके में डाल कर चले जाते हैं। इनकी सूचना आसपड़ोस के लोगों द्वारा मिलती है। कोई भी इसको लेकर सामने नहीं आ रहा है।
शहर में भी खुले में पड़े हैं मृत सूअर, कोई कार्रवाई नहीं
वन सिटी निवासी अर्जुन सिंह ने बताया कि वीटा प्लांट से जींद चौक तक तीन से चार सूअर मृत अवस्था में मिले हैं। इसके चलते यहां बदबू फैली हुई है, सांस लेना दूभर हो गया है। इसकी शिकायत उपायुक्त को लिखित में 18 अगस्त को दी थी, लेकिन अभी तक इनका उठान नहीं हुआ है और न ही इन्हें दफनाया गया है।