प्रशासन की सख्ती व पुलिस की कार्रवाई तीज के त्योहार पर बेअसर साबित हुई। प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए। पुलिस कांस्टेबल सहित छह लोगों को घायल हालत में पीजीआई में दाखिल कराया गया।
पीजीआई पहुंचे कांस्टेबल ने बताया कि वह रविवार शाम भिवानी चुंगी की ओर से एलिवेटेड फ्लाई ओवर पर चढ़ा था। पत्नी व बच्चे के साथ बाइक पर सवार होकर मानसरोवर पार्क की जाते समय मांझे ने घायल कर दिया। पुल की चढ़ाई पर होने के कारण बाइक की गति धीमी थी। इसके बावजूद मांझे की धार से गला काट गया। गले में चुभन महसूस होते ही उसने बाइक रोक कर देखा तो खून बह रहा था।
मुड़ कर देखा तो पत्नी के मुंह के पास मांझा दिखाई दिया। मुंह से तुरंत मांझा दूर किया। उसके मुंह पर कट लगने से खून निकल गया। बच्चा बीच में बैठा होने के कारण सुरक्षित रहा। दोनों मांझे से लहूलहुहान होकर पीजीआई के ट्रामा सेंटर पहुंचे। यहां दोनों को दो-दो टांके लगे। डॉक्टर ने तुरंत इलाज करते हुए घाव सिल दिया।
कांस्टेबल ने बताया कि सरकारी नौकरी होने के चलते वे अपनी पहचान नहीं बताना चाहते। उनसे पहले चार और लोग मांझे की चपेट में आकर घायल हुए हैं। हालांकि उनको ज्यादा गहरे घाव नहीं लगे थे। इस कारण टांके लगाने की नौबत नहीं आई। चिकित्सक ने इन्हें इलाज देकर घर भेज दिया। तीज को लेकर पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में तैनात स्टाफ अलर्ट रहा। यहां देर शाम तक चिकित्सकों व नर्सों की टीम हरकत में नजर आई।
अभी 15 अगस्त तक मांझे से रहें सतर्क
तीज पर शहर में खासकर पुराने इलाके में लोगों ने जमकर पतंगबाजी की। इसके चलते एलिवेटेड रोड पर मांझे की चपेट में आने का सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। क्योंकि एलिवेटेड रोड के दोनों तरफ ऊंची-ऊंची साउंड प्रूफ दीवारें हैं। इसके चलते मांझा दोपहिया वाहन चालक की गर्दन की ऊंचाई तक लटकता रहता है। रोड पर वाहन की गति तेज होने के कारण मांझा एकदम टकराकर गर्दन को काट देता है। शहर में 15 अगस्त तक लोग पंतग उड़ाते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क होकर चलना होगा।
एलिवेटेड रोड पर चली गई थी पिछले साल युवक की जान
पिछले साल एलिवेटिड रोड पर मांझे की चपटे में आने से एक बाइक युवक की गर्दन कट गई थी। गंभीर हालत में उसे पीजीआई ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी।
पीजीआई पहुंचा मांझे से घायल युवक निशान दिखाता हुआ। विज्ञप्ति
मांझे को लेकर प्रशासन सख्त है। पहले भी कार्रवाई की गई थी, आगे भी की जाएगी। आग्रह है कि दोपहिया वाहन चालक सावधानी से चलें। क्योंकि मांझे से सबसे ज्यादा खतरा दोपहिया वाहन पर रहता है।- कैप्टन मनोज कुमार, डीसी।