फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिछली बारिश से प्रशासन ने नहीं लिया सबक : बीबी बतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। कांग्रेस विधायक दल के चीफ व्हिप एवं विधायक भारत भूषण बतरा ने कहा कि पिछले दो दिनों से रोहतक में हो रही बारिश ने एक बार फिर सरकार व प्रशासन को आइना दिखा दिया है। जिले में 30 जून की बारिश के बाद हुए भारी नुकसान से सबक लेकर प्रशासन धरातल पर कोई प्रबंध करता तो शहरवासी दोबारा बाढ़ जैसे हालातों से न जूझते। सड़कें, बाजार, रिहायशी इलाके ही नहीं, शहर के हर हिस्से में जलभराव नजर आया।
विज्ञापन

कांग्रेस भवन में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने बारिश के पानी की निकासी के सरकार एवं प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पिछली बारिश से हुए नुकसान का मामला उन्होंने विधानसभा तक उठाया। अधिकारियों को पत्र भी लिखा। विधानसभा में स्वयं मुख्यमंत्री ने कहा था कि जिस भी स्तर पर लापरवाही हुई है, उसकी जांच होगी। इसके बावजूद रोहतक प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसका खामियाजा एक बार फिर शहरवासी भुगत रहे हैं।
शहर में एमडीयू से लेकर नेकीराम कॉलेज, पूरे मॉडल टाउन क्षेत्र, सेक्टर के इलाके, आर्य नगर, नया बस स्टैंड इलाका, छोटू राम चौक, गोहाना रोड, कृष्णा कॉलोनी, किला रोड, रेलवे रोड, शोरी मार्केट, माता दरवाजा, काठ मंडी, पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, गांधी कैंप, कच्चा बेरी रोड, भिवानीचुंगी, शिव कॉलोनी, पीजीआई कैंपस क्षेत्रों में जलभराव रहा।
विज्ञापन

विधायक ने कहा कि छोटू राम चौक इलाके से पानी निकालने की बजाय प्रशासन ने सड़क के दोनों तरफ बैरीकेड लगाकर वाहनों का आवागमन रोक दिया। उन्होंने कहा कि निगम की पिछली बैठक में प्रस्ताव पास किया गया था कि लाड़ वाला जोहड़ (अप्पू घर) को दोबारा वाटर रिजर्वायर बनाया जाए। इसे जब तक वाटर रिजर्वायर नहीं बनाया जाएगा तब तक छोटू राम चौक पर पानी भरने की समस्या का समाधान नहीं होगा। शहर की निकासी का सिस्टम पूरा मशीनरी पर रखना बेवकूफी है। क्योंकि मशीनरी सिस्टम कभी भी फेल हो सकता है।
उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि नालों की सफाई व्यवस्था पहले क्यों नहीं करवाई गई। बारिश के मौसम के मद्देनजर आवश्यक इंतजाम क्यों नहीं किए गए। शहर के ओवरफ्लो हो रहे सीवर सिस्टम व जाम पड़े बरसाती नालों की हालत ढाई महीने बाद भी जस की तस बनी हुई है।
इस मौके पर पार्षद गुलशन इशपुनियानी, पार्षद कदम सिंह अहलावत, सुरेंद्र बत्रा, पंकज सचदेवा, राकेश गर्ग, विकास परमार, राजीव अत्री, चरणजीत शर्मा, वीरेंद्र सचदेवा, सिद्धांत भाटिया मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री से की जाएगी मुलाकात
विधायक ने कहा कि जिले में 30 जून को हुई बारिश के बीच जल ग्रस्त इलाकों में जाकर जनता की पीड़ा को समझा। तत्काल अधिकारियों से सर्वे करवाने और मुआवजे की व्यवस्था करने को कहा। तत्कालीन उपायुक्त को उसी दिन लिखित में पत्र भी भेजा। प्रशासन ने अब तक पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। प्रशासन इस मामले में राजनीति से अलग हटकर जनहित में जलभराव वाले इलाकों से तुरंत पानी निकाले। उन इलाकों के नुकसान का सर्वे कर मुआवजे की व्यवस्था की जाए। यह पूरा मामला एक बार फिर विधानसभा में उठाया जाएगा। इस बारे में मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें