04सीटीके65.... पुलिस गिरफ्त में 8 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामले में शामिल आरोपी। स्रोत: प
रोहतक। गोपाल कॉलोनी के बुजुर्ग से कनाडा में रह रहे साले के दामाद का नाम लेकर आठ लाख की ठगी करने के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अनिल उर्फ कैंडी निवासी गांव बभन जिला पूर्वी चंपारण हाल किरायेदार लांबा पिंड जालंधर पंजाब को गिरफ्तार किया है। वीरवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से छह दिन के रिमांड पर लिया है। आरोप है कि अनिल ने ही गिरोह को बैंक अकाउंट नंबर उपलब्ध कराया था, जिसमें ठगी की राशि ली गई।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि गोपाल कॉलोनी निवासी मोहन लाल ने शिकायत दी थी कि 13 जुलाई को उनके पास अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले युवक ने कहा कि पहचाना कौन बोल रहा हूं। मोहनलाल को उस युवक की आवाज अपने साले के दामाद रमन जैसी लगी, जो कनाडा में रहता है। मोहनलाल ने कहा कि रमन तो युवक ने अपने आप को रमन बताते हुए कहा कि उसे एक विदेश भेजने वाले एजेंट को 3 लाख 40 हजार रुपये देने हैं। युवक ने कहा कि वह अपने खाते से ट्रांसफर करेगा तो एजेंट 5 लाख रुपये से कम नहीं मानेगा। युवक ने मोहनलाल को कहा कि वह उसके खाते में 8 लाख रुपये ट्रांसफर कर देता है। एजेंट के खाते में अपने खाते से 3 लाख 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दे। बाकी पैसे वह भारत आने पर ले लेगा। मोहनलाल के बेटे प्रिंस ने उस युवक को अपने खाते की डिटेल भेज दी। युवक ने मोहनलाल को 8 लाख जमा कराने की रसीद उनके पास व्हाट्सएप की। मोहनलाल ने अपने बेटे को कहकर दिये गये खाते मे 3 लाख 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिये। जिसके बाद मोहनलाल के पास अन्य नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई जिसने कहा कि एजेंट की मां बीमार है। उसे मोहनलाल ने साढ़े 4 लाख रुपये ट्रांसफर करवा दिए। मोहनलाल ने शक होने पर रमन से बात की। रमन ने कहा कि कि उसकी कोई बात नहीं हुई। इस तरह रमन बनकर गिरोह ने करीब आठ लाख रुपये पीड़ित से ठग लिए। एएआई दिनेश दलाल ने जांच की। जांच में पता चला कि जिस अकाउंट में ठगी की राशि गई है, वह आरोपी अनिल उर्फ कैंडी ने दिया था। फिलहाल आरोपी बिहार की जेल में बंद है। पुलिस उसे अब प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है, जो अन्य केस में बंद था। इसके अलावा आरोपी ने लूट की वारदात को अंजाम दिया हुआ है। आरोपी ने जालंधर में अलग-2 लोगों को लालच देकर अलग-अलग बैंक में बैंक खाता खुलवाए व उनके कागजात लेकर बिहार फरार हो गया। आरोपी ने उक्त बैंक खातों का प्रयोग जालसाजी में किया है। गिरोह में शामिल रहे एक आरोपी धनंजय को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।