रोहतक। जनस्वास्थ्य विभाग के लेखा अधिकारी (अकाउंट ऑफिसर) विजय सिंह को भ्रष्टाचार के केस में शुक्रवार को एएसजे महेश कुमार की अदालत ने जमानत दे दी। आरोपी ढाई माह से न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद था। विजिलेंस के मुताबिक विशाल नगर निवासी सुंदर सिंह रेढ़ू ने 15 मार्च को लिखित शिकायत दी कि वह जनस्वास्थ्य विभाग की डिवीजन दो के अंतर्गत ठेकेदारी का कार्य करता है। वर्ष 2022 में उसने सांपला में विभाग के लिए ट्यूबवेल लगाए थे। बिल पास करवाने के लिए विभाग के अकाउंट ऑफिसर विजय सिंह से संपर्क किया। विजय सिंह करीब 3.80 लाख रुपये के बिल पास करने की एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने लगा। उसकी मोबाइल फोन पर रिकाॅर्डिंग भी है। विजिलेंस ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिश्वत मांगने का केस दर्ज कर दबिश दी और आरोपी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था।
55 वर्षीय विजय सिंह मूलरूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है और 12 साल से पुरानी आईटीआई के पास रह रहा है। बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि आरोपी की जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की। अदालत को बताया कि आरटीआई से खुलासा हुआ है कि जिस बिल को लेकर रिश्वत देने का आरोप लगा है, वे पास हो चुके थे। ऐसे में पास हुए बिल की कौन रिश्वत देगा। दूसरा विजिलेंस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। तीसरा सरकार से अभी आरोपी के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं ली गई है। दोनों पक्षों की बहस के बाद कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी।