माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। एसी ने कूलिंग नहीं दी, इसलिए कंपनी मूल्य राशि 36 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित उपभोक्ता को लौटाने होंगे, साथ ही पांच हजार रुपये मानसिक परेशानी और पांच हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर दिए जाएं। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के चेयरमैन नागेंद्र कादियान ने यह फैसला सुनाया है।
आर्य नगर निवासी मोहम्मद शाहरुख ने मई 2022 में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर की थी कि उसने पालिका बाजार से 36 हजार रुपये में डेढ़ टन का एसी खरीदा था। कुछ समय बाद ही एसी ने कूलिंग देनी बंद कर दी, साथ ही ब्लोअर के पंखे से भी आवाज आनी शुरू हो गई। उसने दुकान से लेकर निर्माता कंपनी से संपर्क किया। कंपनी के सर्विस सेंटर से मिस्त्री भेजा गया। उसने ब्लोअर पंखे की समस्या का समाधान किया, लेकिन ऑटो कट कूलिंग की समस्या का समाधान नहीं किया।
एसी के निर्माण में था दोष
पीड़ित ने दोबारा कंपनी से संपर्क किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। आखिर में उपभोक्ता ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। इसमें दुकानदार से लेकर कंपनी तक को पार्टी बनाया गया। दुकानदार ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। कंपनी ने बताया कि उपभोक्ता की शिकायत पर तकनीशियन भेजा था। सफलतापूर्वक शिकायत दूर की गई। आयोग इस बात से सहमत नहीं हुआ। कहा कि अगर समस्या दूर हो गई थी तो उपभोक्ता फिर से शिकायत नहीं करता। एसी के निर्माण में ही दोष था, जिसे कंपनी ने दूर नहीं किया।