रोहतक। प्रेम विवाह के बाद रोहतक में रह रही गाजियाबाद की युवती आरती की मौत हत्या थी या आत्महत्या, यह खुलासा पुलिस वारदात के दो सप्ताह बाद भी नहीं कर सकी है। महिला के पति व उसके मायके युवक को पुलिस ने दोबारा पूछताछ के लिए आने की शर्त पर छोड़ दिया है। अब एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे खुलासा होगा कि हादसे के समय 22 वर्षीय आरती छत से गिरते समय नशे में थी या नहीं।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक गाजियाबाद जिले के भौपूरा शाहिबाबाद की तुलसी निकेतन कॉलोनी निवासी मीना शर्मा ने आठ अगस्त को सिविल लाइन थाने में शिकायत दी थी कि उसके चार बच्चे हैं। सबसे छोटी बेटी 22 वर्षीय आरती ने पहले भौपूरा के युवक शादाब के साथ प्रेम विवाह किया था, दोनों का तीन साल का बेटा है। शादाब से मनमुटाव के चलते आरती ने भिवानी जिले के गांव बडेसरा निवासी अजय उर्फ मोनू से एक साल पहले प्रेम विवाह कर लिया। आरती व मोनू रोहतक की चाणक्यपुरी में किराये पर रह रहे थे। उसे पता चला कि आरती की छत से गिरने से मौत हो गई है। वह रोहतक पहुंची और आरोप लगाया कि छह अगस्त को आरती के साथ उसके पति व मायके से आए युवक ने झगड़ा किया। इसके बाद धक्का देकर छत से गिरा दिया। पुलिस ने आरोपी मोनू व दूसरे युवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। दोनों से गहराई से पूछताछ की गई। आरोपियों ने कहा कि आरती नशे में थी और खुद ही छत से कूदकर जान दी है। ऐसे में पुलिस ने तथ्यों के आधार पर आरोपियों को छोड़ दिया, लेकिन शर्त रखी कि जरूरत पड़ी तो दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था, लेकिन जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है। फिलहाल आरोपियों को पूछताछ के बाद छोड़ा गया है, जरूरत पड़ने पर दोबारा बुलाया जाएगा। इसके लिए एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
विपिन कुमार, प्रभारी थाना सिविल लाइन