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Rohtak News: थीसिस जमा नहीं कराने वाले चार शोधार्थियों पर देरी के लिए एक-एक लाख रुपये का विशेष शुल्क लगाया

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रोहतक। वीरवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) की कार्यकारी परिषद (ईसी)की 285वीं बैठक हुई। यहां महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
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इस दौरान विवि के अंग्रेजी विभाग के करीब 15 साल पुराने पीएचडी केस रखे गए। यहां करीब एक घंटे बहस के बाद चारों केसों को 30 सितंबर तक अपनी थीसिस (शोध संबंधी लेख) जमा कराने पर का फैसला हुआ। अब तक थीसिस जमा नहीं कराने वाले शोधार्थियों पर देरी के लिए एक-एक लाख रुपये का विशेष शुल्क लगाया गया है। इनके गाइड को एडवाइजरी जारी की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह के मामलों पर अंकुश के लिए कमेटी बनाने का फैसला हुआ। वहीं एक अन्य फैसले के तहत विवि के एक सुरक्षा अधिकारी को वर्ष 2014 के मामले में चार्जशीट कर दिया गया है। इस अधिकारी की वजह से विवि को एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई के लिए अलग से कार्रवाई होगी। इसके लिए विवि प्रशासन हाई कोर्ट भी जा सकता है।
एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई कार्यकारी परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत करीकुलम क्रेडिट फ्रेमवर्क को अनुमोदित किया गया। स्कॉलर छात्रा से अभद्रता मामले में आरोपी प्रोफेसर को माफी मांगने व दोबारा गलती नहीं करने के आग्रह पर ड्यूटी पर आने की राहत दी गई। इंक्रीमेंट समेत छह मुद्दों पर राहत की अपील को ठुकरा दिया गया। प्रोफेसर ने ईसी में राहत के लिए अपना मुद्दा रखते हुए सुनवाई का एक मौका देने की अपील की थी। प्रोफेसर पर चार्ज फ्रेम रहेंगे। ईसी सदस्याें ने विवि में शिक्षकों की नियुक्ति के व पदोन्नति के संबंध में कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम को मंजूरी दी। इसके तक शिक्षक अपनी पदोन्नति के लिए आवेदन कर सकेंगे। एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति का क्राइटेरिया यूजीसी की गाइड लाइन के तहत पास किया गया है। इसके तहत नियुमित या अनुबंधित पद पर नियुक्ति के लिए शॉर्ट लिस्टिंग क्राइटेरिया यूजीसी के अनुरूप रहेगा।
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मोटे वेतन पर 8 सेवानिवृत्तों को मिली पुन: नियुक्ति
एमडीयू में अरसे से गहराए सेवानिवृत्तों की पुन: नियुक्ति मामला फिर गर्माता नजर आ रहा है। वीरवार को ईसी की बैठक में एक दो नहीं आठ सेवानिवृत्तों को विवि में पुन: नियुक्ति दे दी गई है। इसमें उनके मोटे वेतन को भी स्वीकृति की मुहर लगा दी गई है। इसमें प्रबंधन विषय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर समेत अन्य को गैरशैक्षणिक कार्यों के लिए रखा गया है। यही नहीं, डॉ. मंगलसेन चेयर से जुड़े एक सदस्य का कार्यकाल भी छह माह के लिए बढ़ाते हुए 31 दिसंबर तक की मंजूरी दी गई है। साथ ही वेतन 50 हजार से बढ़ाकर 70 हजार रुपये कर दिया गया है। इन नियुक्तियों को लेकर मडूटा में रोष पनपने लगा है।

एमडीयू में बनेगा वैदिक सेंटर, हाॅल बनाने की स्वीकृत
ईसी की बैठक में वैदिक सेंटर बनाने, बिल्डिंग कमेटी के 30 लाख रुपये से अधिक के भवन सुधार व मरम्मत संबंधी कार्य, पदोन्न्ति मामले, फैकल्टी लगाने, रिसर्च इको सिस्टम सुदृढ़ करने, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ करने व कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के प्रारुप को फाइनल करने समेत 59 से ज्यादा अहम प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन तनेजा ने एजेंडा प्रस्तुत किया। इसमें 59 एजेंडे शामिल रहे। एजेंडा नंबर 53 के सबसे बड़ा रहा। इसमें 44 शैक्षणिक एजेंडे शामिल रहे। कार्यकारी परिषद की बैठक में एमडीयू के डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. सुरेंद्र कुमार समेत ईसी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा विभाग व वित्त विभाग के प्रतिनिधि बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
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