संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। धर्म की नगरी में श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बाबा मस्तनाथ मठ में रविवार से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय वार्षिक मेले में संतों का मेला देखने को मिला। बाबा मस्तनाथ के पावन समाधि स्थल के दर्शन करने व महंत चांदनाथ के समाधि स्थल पर मत्था टेकने के लिए देशभर से साधुओं की टोलियां मठ में पहुंच रही है, जो फाल्गुन की सप्तमी को बाबा के समाधि स्थल के दर्शन करेंगी।
बाबा मस्तनाथ मठ नाथ संप्रदाय में विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। हर वर्ष मठ में विशाल भक्त मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु आकर बाबा के समाधि स्थल के दर्शन कर घर परिवार की सुख शांति के लिए कामना करते है। मठ में मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई है। मठ स्थित निर्माणाधीन मिनी अक्षरधाम मंदिर के बीचों बीच बाबा के समाधि स्थल को भव्य रूप से सजाया गया है। समाधि स्थल पर साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके बाद सभी खंबों को आकर्षक लाईटों व फूलों से सजाया गया है। पूरे मठ में मेले को लेकर खास तैयारियां की गई है, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बाबा मस्तनाथ की समाधि स्थल तक पहुंचने के लिए बनाई दो लाइन
बाबा मस्तनाथ के समाधि स्थल के दर्शन करने के लिए भक्तों की दो लाइनें बनाई जाएंगी। इसके लिए मुख्य द्वार से लेकर नीचे तक बीच में बांबू लगाए गए है, ताकि महिलाओं की अलग व पुरुषों की अलग लाइन बनाई जा सके। हर बार की तरह ही मुख्य द्वार के पास ही दीप जलाने का प्रबंध भी किया गया है, ताकि श्रद्धालु समाधि स्थल पर पूजा सामग्री न चढ़ा सके।
मेले के पहले दिन भंडारे में श्रद्धालु लेंगे लड्डू, बालूशाही का आनंद
बाबा मस्तनाथ मठ में समाधि स्थल के दर्शन करने के लिए सुबह 4 बजे से ही पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों की कतार लगनी शुरू हो जाएगी। भक्त बड़ी श्रद्धा भाव से बाबा की समाधि पर गुड़ और कंबल चढ़ाकर अपनी मन्नतें मांगते हैं। मेले में भंडारे का प्रसाद बनाने के लिए हलवाई श्रवण रैबारी अपनी 50 लोगों की टीम के साथ तैयारी कर रहे है। बाबा मस्तनाथ को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में लड्डू, बालूशाही, जलेबी, गूंदपाक वितरित किया जाएगा। साथ ही लड्डू, बालूशाही, चावल, सब्जी, मलीदा, मूंग की दाल, रोटी और पूरी का भोग लगाया जाएगा।
मठ में आज होगी भजन संध्या
बाबा मस्तनाथ मठ में रविवार सांय भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या का शुभारंभ डेरे के महंत योगी बालकनाथ करेंगे। इसके साथ ही स्थानीय कलाकार अपने भजनों के माध्यम से बाबा मस्तनाथ का गुणगान करते हुए श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। भजन संध्या के लिए मंच के साथ बैठने का उचित प्रबंध किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
मेले में झूलों का श्रद्धालु लेंगे आनंद
मेले के दौरान झूलों का विशेष तौर पर प्रबंध किया गया है, ताकि तीन दिन तक श्रद्धालु झूलों का आनंद उठा सके। मठ में आयोजित होने वाले मेले में मौत का कुंआ लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके साथ ही ड्रैगन झूला, ऊंचा गोल झूला सहित अन्य कई प्रकार के झूले लगाए गए है। साथ ही छोटे बच्चों के लिए भी अलग से झूले लगाए गए हैं, ताकि बच्चे भी आनंद ले सकें।
प्रसाद व खाने-पीने के लगेंगे स्टाल
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए मठ परिसर में ही स्टाल लगाई जाएंगी। इसमें समाधि स्थल पर चढ़ने वाले प्रसाद से लेकर खाने-पीने का सामान भी मिलेगा। स्टाल लगाने वालों ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है, ताकि तीन दिन तक उनका स्टॉक समाप्त न हो सके। वहीं, कई स्टाल खाने-पीने के लिए भी लगाए जाएंगे, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। मठ में खरीदारी के लिए भी स्टाल लगाई जाएंगी, जिनमें छोटे बच्चों के खिलौने, आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी शामिल है।