रोहतक। निर्माण मजदूर यूनियनों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिला। यूनियन के राज्य प्रधान मनोज सोनी ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों की हालत गंभीर और चिंताजनक है। बाढ़ प्रभावित मजदूरों के घरों में पानी घुस गया है। मकान गिरने के कगार पर हैं। इन परिस्थितियों में राहत व पुनर्वास की व्यवस्था करने के बजाय सरकार ने श्रम कल्याण पोर्टल तक बंद कर दिया है जिससे मजदूर वैधानिक हक से वंचित कर दिए गए हैं। राज्य महासचिव सुखबीर सिंह व राज्य उपप्रधान विनोद ने कहा कि सरकार एक ओर श्रमिक दिवस पर बड़े-बड़े मंच सजाकर मजदूरों के नाम पर ढोंग करती है। वहीं, दूसरी ओर मजदूरों का खुला शोषण जारी है। कच्चे कर्मचारी, फैक्टरी-कारखानों, दुकानों, हॉस्पिटल, अन्य प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले मजदूरों की 10 वर्ष से न्यूनतम रिवाइज नहीं किया गया है। महंगाई के अनुपात में अगर रिवाइज किया जाए तो न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये से भी अधिक बनेगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मजूदरों की मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। संवाद