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Rohtak News: किशोरी से दुष्कर्म के दोषी 74 वर्षीय बुजुर्ग को 20 साल कैद

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रोहतक। एक साल 10 माह बाद 13 साल की किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी 74 साल के बुजुर्ग को अदालत ने दोषी करार दिया है। दोषी को 20 साल कैद और 1 लाख 12 हजार 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एएसजे राज गुप्ता की अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए सरकार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश भी दिए हैं। यह राशि कल्याण अधिकारी की देखरेख में खर्च होगी।
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पुलिस रिकाॅर्ड के अनुसार, नवंबर 2022 में महिला थाने में शिकायत दी गई थी कि एक बुजुर्ग ने 13 साल की किशोरी से घर में घुसकर दुष्कर्म किया। साथ में जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी जयप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया। उसी समय से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। पॉक्साे एक्ट की स्पेशल अदालत ने बुजुर्ग को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
दोषी ने मांगा रहम, बोला-पत्नी बीमार, देखभाल करने वाला कोई नहीं
अदालत में बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि दोषी की उम्र 74 साल है। उसकी पत्नी बीमार है। बच्चे अलग रहते हैं। ऐसे में पत्नी की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उसके साथ रहम बरता जाए। दूसरी तरफ सरकारी वकील ने कहा कि अपराध की प्रकृति को देखते हुए दोषी को कड़ी सजा देनी चाहिए।
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यह सुनाई गई सजा
आईपीसी की धारा सजा जुर्माना
452 3 साल 5 हजार
354 1 साल 500 रुपये
376(1) 20 साल 50 हजार
506 2 साल 2 हजार
8 पॉक्सो एक्ट 3 साल 5 हजार
6 पॉक्सो एक्ट 20 साल 50 हजार

अदालत की टिप्पणी- बच्चे राष्ट्र की आत्मा, सुरक्षित माहौल देना अनिवार्य
अपने फैसले में अदालत ने टिप्पणी की कि बच्चे स्वस्थ राष्ट्र की आत्मा हैं, जिसका अपना अस्तित्व, प्रकृति और क्षमताएं हैं। शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक विकास के लिए मदद की जानी चाहिए, नहीं तो राष्ट्र का स्वस्थ विकास नहीं हो सकता है। बच्चों को उनकी कोमल उम्र में विशेष सुरक्षा की आवश्यकता है ताकि वे पूर्ण भावनात्मक, बौद्धिक और आध्यात्मिक स्थिरता और परिपक्वता प्राप्त कर सकें। इसके साथ राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में अपनी भूमिका का अहसास कर सकें।
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