सेना भर्ती में फिजिकल टेस्ट पहुंचे युवा के कागज चेक करते अधिकारी। संवाद
रोहतक। राजीव गांधी खेल परिसर में सोमवार को झज्जर व बहादुरगढ़ के युवाओं के लिए अग्निवीर भर्ती शुरू हुई। इस दौरान 600 युवाओं ने दौड़ लगाई। दौड़ पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों का शारीरिक माप परीक्षण और दस्तावेजों की जांच की गई। मंगलवार को बेरी, मातनहेल व बादली तहसील के युवा अग्निवीर भर्ती के लिए दौड़ लगाएंगे।
दौड़ में शामिल हुए जिन अभ्यर्थियों की दौड़ व अन्य फिजिकल प्रक्रिया पूरी हुई उनका मेडिकल कराया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक आगे के लिए होने वाली प्रक्रिया को मोबाइल के माध्यम से सूचना मिलती रहेगी। भर्ती के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग वर्जित रहा। कुछ अभ्यर्थियों के पास अपना एडमिट कार्ड और रैली नोटिफिकेशन न होने के कारण उनको अंदर नहीं जाने दिया गया। सेना भर्ती कैमरों की निगरानी में चल रही है। कोई भी अभ्यर्थी दलालों में चक्कर में पड़कर अपना भविष्य न खराब करें, इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही रैली में प्रतिबंधित दवाओं व नशीले पदार्थ का सेवन करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
बाहर टेंट तक नहीं, सड़कों पर ही सोते नजर आए युवा
जिला प्रशासन की ओर भर्ती से पहले कर्नल दीपक कटारिया के साथ तैयारियों का जायजा लेकर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा किया गया था। लेकिन भर्ती के समय युवाओं के लिए बाहर इंतजार करने के लिए आए परिजनों के लिए टेंट तक की व्यवस्था नहीं की गई। भर्ती के लिए आए युवा सड़कों पर ही सोते नजर आए। आसपास मोबाइल टॉयलेट की सुविधा तक नहीं थी। इससे युवाओं को कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
अभिभावकों ने भर्ती नियमित करने की मांग उठाई
सेना भर्ती में आए युवाओं के साथ उनके परिजन भी साथ आए हुए थे। जिन्होंने मीडिया के समक्ष आकर अपनी मांग रखी कि यह अग्निवीर भर्ती युवाओं के लिए नियमित होनी चाहिए। ताकि पांच साल बाद युवा बेरोजगार न होकर लगातार देश की रक्षा करते रहें। पांच साल के लिए होने वाली यह अग्निवीर भर्ती युवाओं के साथ अन्याय है। भर्ती लेट होने के कारण जिन युवाओं की उम्र निकल चुकी है, उनको भी मौका देना चाहिए।