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रोहतक: मेडिकल मोड़ पर बूथ न हटाने पर निगम को 50 लाख नुकसान

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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। नगर निगम की आर्थिक सेहत सुधारने के लिए शुक्रवार को मेयर कार्यालय में हाउस की वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक हुई, जिसमें नौ मुद्दों पर मंथन किया गया। बैठक सामने आया कि मेडिकल मोड़ की जगह खाली रहने से निगम को एक साल में 50 लाख का नुकसान हो गया। क्योंकि निगम अधिकारियों ने वीटा बूथ को नहीं हटवाया। हालांकि निगम आयुक्त का कहना है कि बूथ को ज्यादा मुद्दा नहीं था, बल्कि ठेकेदार खुद ही छोड़कर चला।
प्रदेश की सियासी राजधानी रोहतक नगर निगम की आर्थिक हालत ठीक नहीं चल रही है। विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार से बजट मांगा जाता है, लेकिन मुख्यमंत्री साफ कर चुके हैं कि निगम अपने स्तर पर बजट जुटाए। इसके चलते शुक्रवार को वित्त कमेटी की बैठक बुलाई गई, जिसमें मेयर मनमोहन गोयल, आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा, कमेटी सदस्य कंचन खुराना के पति अशोक खुराना व वार्ड एक के पार्षद कृष्ण कुमार भी मौजूद रहे।
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फुटओवरब्रिज के लिए नहीं विज्ञापन की सीमा 15 साल की
शहर में जाट कालेज, दिल्ली बाईपास व महिला कालेज के सामने फुटओवरब्रिज बनाए जाने है। इसके लिए निगम की तरफ से टेंडर किया गया, लेकिन किसी ने किसी भी ठेकेदार ने आवेदन नहीं किया। ऐसे में वित्त कमेटी ने तय किया कि फुट ओवरब्रिज पर विज्ञापन लगाने की समय सीमा 10 से बढ़ाकर 15 साल की जाए।

कम्यूनिटी सेंटर के लिए कंपनी का टर्नओवर बढ़ाया गया
निगम शहर के 11 कम्यूनिटी सेंटर को किराये पर देना चाहता है। जो अब तक संस्थाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। अब मदनलाल धींगड़ा व मातूराम कम्यूनिटी सेंटर को किराये पर लेने के लिए कंपनी का टर्नओवर 50 लाख, बाकी नौ कम्यूनिटी सेंटर के लिए टर्नओवर 23 लाख होना चाहिए।

बस क्यू शेल्टर की समय सीमा 15 साल की
निगम शहर में बस क्यू शेल्टर का नवीनीकरण करवाना चाहता है। इसके लिए शुक्रवार को टेंडर खोले जाने थे, लेकिन कोई आवेदन नहीं आया। ऐसे में वित्त कमेटी में बस क्यू शेल्टर 10 की बजाए 15 साल तक देने का निर्णय लिया गया।

शौचालय को साफ सफाई के लिए दिया जाएगा ठेके पर
शहर में 80 के करीब सार्वजनिक शौचालय है, जिनको निगम साफ सफाई के लिए ठेके पर देना चाहता है। निगम के पास आवेदन भी आ चुका है, लेकिन मुख्यालय से अनुमति नहीं मिली है। अनुमति मिलने के बाद टेंडर फाइनल किया जाएगा।

पार्कों को दिया जाएगा आरडब्लयू को
निगम की तरफ से पार्कों को रखरखाव के लिए निजी एजेंसी को दे रखा है। अब निगम सरकार की हिदायत पर पार्क रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को दे रहा है। सेक्टर 14, एक, दो, तीन व चार के पार्क दे दिए हैं। बाकी को देने की प्रक्रिया चल रही है।

मशीन से भरेगा निगम सड़कों के गड्ढे
निगम की तरफ से सड़कों के गड्ढे भरने के लिए टेंडर दिया गया है। मशीन के माध्यम से दो माह के अंदर सभी सड़कों के गड्ढे भरे जा सकेंगे।

निगम को मेडिकल मोड़ की जमीन से हर माह 4 लाख रुपये से ज्यादा किराया मिलना था। तय हुआ था कि निगम मोड़ पर लगे वीटा बूथ को हटवाएगा, लेकिन उसे हटाया नहीं जा सके। ठेकेदार बीच में ही काम बंद करके चला गया। पूरे साल में निगम को 50 लाख के करीब का नुकसान हुआ है। निगम प्रशासन को पत्र लिखकर बार-बार अवगत करा दिया था।
अशोक खुराना, पूर्व पार्षद नगर निगम

मेडिकल मोड़ की जगह किराये पर देने का मामला वित्त कमेटी की बैठक में आया, जिसको लेकर अधिकारियों को उचित कदम उठाने की हिदायत दी गई। उनका पूरा प्रयास है कि निगम की आर्थिक हालत सुधर सके।
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मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम

मुद्दा बूथ का नहीं था। बल्कि ठेकेदार पहले ही छोड़कर चला गया। उसने जो चेक दिया था, वह बाउंस हो गया। उसके खिलाफ निगम कार्रवाई करवाएगा। साथ ही बूथ को हटवाकर नए सिरे से टेंडर किया जाएगा।
धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम
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