सोनीपत। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी और महंगे दामों की किताबें लगवाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार को कुछ अभिभावक एकत्रित होकर जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंचे और अपने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। अभिभावकों ने निजी स्कूल में पहली कक्षा में लगवाई गई किताबों की प्रदर्शनी लगाई। अभिभावकों का आरोप है कि पहली कक्षा में ही बच्चों की करीब 45 किताबें लगाई हैं, जिनकी कीमत 5,762 रुपये तय की गई है। अभिभावकों ने प्रदर्शन करते हुए निजी स्कूल की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि निजी स्कूल पहली से पांचवीं कक्षा तक निजी प्रकाशकों की किताबें लगवा रहे हैं, जो बहुत महंगी है। अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चे जिस स्कूल में पढ़ रहे हैं, उस स्कूल में पहली कक्षा के बच्चे की 45 किताबें लगवाई गई हैं। इनमें अंग्रेजी विषय की 8 से 10 पेज की कई किताबें हैं। प्रत्येक किताब की कीमत 65 से 90 रुपये तक है। अभिभावकों का कहना है कि इन सभी किताबों को मिलाकर एक भी बनाया जा सकता था, लेकिन पैसा कमाने के लालच में किताबों की संख्या बढ़ा दी। गुस्साए अभिभावकों ने निजी स्कूलों की मनमानी को उजागर करने के लिए डीईओ कार्यालय में किताबों की प्रदर्शनी लगाई। अभिभावकों का आरोप है कि पहली कक्षा की तरह ही अन्य कक्षाओं की किताबों की कीमतें भी काफी अधिक हैं। इस बारे में वह कई बार जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन निजी स्कूल की मनमानी इसी प्रकार जारी है।
डीईओ कार्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी के न मिलने पर अभिभावक मॉडल टाउन स्थित बीईओ कार्यालय पहुंचे और खंड शिक्षा अधिकारी से मिलकर समस्या का समाधान करवाने की मांग की।
कुछ अभिभावक डीईओ कार्यालय पर शिकायत लेकर आए थे। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि मामले की जांच करवाई जाएगी, इस मामले में खंड स्तर पर कमेटियां गठित की गई हैं, जो स्कूलों में जाकर नियमित रूप से जांच कर रही हैं।
जितेंद्र छिक्कारा, उप जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत