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Rohtak News: 7 दिन में 40 लोगों को सांप ने डसा

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28सीटीके13... पीजीआई के आपातकालीन विभाग में उपचाराधीन मरीज। अमर उजाला
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रोहतक। सर्पदंश के मामले मानसून में लगातार बढ़ रहे हैं। पीजीआईएमएस में रोजाना औसतन 4 से 6 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आपातकालीन विभाग में पीड़ित इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सक एंटी स्नेक बाइट वेनम देकर मरीजों को स्वस्थ कर रहे हैं।
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पिछले एक हफ्ते में पीजीआई के आपातकालीन विभाग में 40 से ज्यादा मामले आए हैं। स्वस्थ होने के बाद उनकी छुट्टी भी कर दी गई। रविवार को दिन में ही सर्पदंश के 3 मामले आए। सभी को एंटी वेनम देकर वार्ड में शिफ्ट किया गया है। वार्ड में 24 घंटे नर्स और चिकित्सक की निगरानी में मरीज को रखा जा रहा है।

आवासीय इलाके में पहुंच रहे सांप
खेतों में धान की रोपाई चल रही है। धान को पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत होती है। मानसून का सीजन भी है। बारिश के कारण खेतों में चूहे द्वारा बनाए बिल में सांप रहता है। बारिश होने या खेतों में सिंचाई करने पर बिलों में पानी भर जाता हैं। इससे सांप बिल से बाहर आ जाते हैं। खेतों में काम करते समय किसान और मजदूर इनके चपेट में आ जाते हैं। वहीं सांप भोजन की तलाश में आवासीय इलाके में भी पहुंच जाते हैं। जहां लोगों से सामना होने के बाद सर्पदंश के मामले बढ़ रहे हैं।
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सर्पदंश वाले मरीज को बरतना चाहिए संयम
सर्पदंश के बाद मरीज का सबसे पहला फर्स्ट एड संयम है। जितना वक्त मरीज संयम बनाकर रखेगा, वह उतने ज्यादा जोखिम से दूर रहेगा। सर्पदंश के बाद धैर्य खो देने से कई बार मरीज का बल्ड प्रेशर बढ़ जाता है और वह जोखिम में चला जाता है। ऐसे में दवा जल्दी काम नहीं करती है।



सर्पदंश के रोजाना 5-6 मामले आ रहे हैं। पिछले करीब एक माह से सर्पदंश के मामले एकाएक बढ़े हैं। सर्पदंश की घटना बारिश के मौसम में ज्यादा होती है। इनके शिकार मरीज को धैर्य देना ही सबसे पहला प्राथमिक उपचार होता है।
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-डॉ. प्रियंका, डीएमएस, पीजीआईएमएस

28सीटीके13... पीजीआई के आपातकालीन विभाग में उपचाराधीन मरीज। अमर उजाला

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