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Rohtak News: 20 साल पुराने दुकानदारों को मिलेगा मालिकाना हक

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महम। स्थानीय नगरपालिका की दुकानों पर बीस और उससे अधिक वर्षों से काबिज दुकानदारों को मुख्यमंत्री शहरी स्वामित्व योजना के तहत मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इसको लेकर लाभार्थियों ने पुरानी सब्जी मंडी में एकत्रित होकर खुशी जाहिर की है।
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लाभार्थियों ने रोहतक के निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा का आभार जताया। नगरपालिका किराएदार एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर कौशिक, ओमप्रकाश सैनी, राजेंद्र कथूरिया, विजय धवन, अशोक पवार, कृष्ण कुमार, राज सिंह, कृष्ण कपड़ा वाला, गुलशन, रोहित, बिल्लू, रामनिवास, बिटटू आदि ने बताया कि प्रदेश में मालिकाना हक मिल चुका है, लेकिन अभी तक महम में काम अटका हुआ था। शुक्रवार को दुकानदारों ने भाजपा कार्यकारिणी सदस्य एवं व्यापारी नेता गुलशन निझावन के नेतृत्व में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर से मुलाकात की थी। पूर्व मंत्री ने दुकानदारों की समस्या को हाथों हाथ लेते हुए सीएम कार्यालय में संपर्क साधा। उसके बाद सभी दुकानदारों को कमिश्नर ने अपने निवास स्थान पर बुलाया तथा उनकी समस्या निपटाने के लिए महम नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देश देते हुए उनको मालिकाना हक दिलाने का आश्वासन दिया। भाजपा कार्यकारिणी सदस्य गुलशन निझावन ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार ने कैबिनेट में ऐसा कानून पास कर रखा है कि किसी भी सूरत में दुकानदारों को मालिकाना मिलेगा। नगरपालिका के अधिकारियों को चाहिए कि वह नियमों को अच्छी तरह पढ़ें।

महम में 99 किरायेदारों को मिलेगा लाभ
दुकानदारों ने बताया कि महम में 99 दुकान हैं। सभी को मालिकाना हक दिलाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। अगर किसी का वारसान को लेकर या अन्य किसी कारण छोटा मोटा मनभेद है तो उसे आपस में बैठकर समाधान किया जाएगा, लेकिन सरकार की ओर से कोई भी आपत्ति नहीं है। कहा कि शनिवार विभाग द्वारा 22 दुकानदारों को कलेक्टर रेट के अनुसार रुपये जमा कराने का डिमांड नोटिस जारी कर दिया गया है। सोमवार को सभी दुकानदार पूरी रकम जमा कराने का प्रयास करेंगे ताकि जल्दी रजिस्ट्री हो सके। उसके बाद दूसरे दुकानदारों की भी फाइलें तैयार हो रही हैं।
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बीस साल से काबिज किरायेदारों को कानून के अनुसार हर हाल में मालिकाना हक मिलेगा। इसके लिए सभी अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। कुछ को नियमों की जानकारी का अभाव था अब एक बार फाइलें तैयार होने से किसी के सामने समस्या नहीं रहेगी तथा जल्दी से जल्दी सभी को मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा।
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- धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त
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