फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट का फैसला

विज्ञापन
विज्ञापन
फ्लैग : तीन साल पहले नाबालिग का बहला-फुसलाकर अपहरण करने का मामला
विज्ञापन

हेडिंग : अदालत में भाई दोषी करार, बहन को मिली क्लीन चिट
: फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा था मामला
: बहन पर भाई के खिलाफ बयान न देने के लिए पीड़ित पर दबाव बनाने का था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीन साल पहले नाबालिग के अपहरण व शोषण के मामले में ककराना गांव निवासी मोनू को दोषी करार दिया है, जबकि उसकी बहन को क्लीन चिट दे दी। एडीजे आरपी गोयल की कोर्ट द्वारा 18 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी।
विज्ञापन

मामले के अनुसार 2015 में एक व्यक्ति ने कलानौर थाने में शिकायत दी कि उसका बेटा बाहर गया हुआ था। पीछे से उसकी 17 वर्षीय पोत्री अचानक लापता हो गई। बाद में पता चला कि उसे ककराना गांव का युवक मोनू बहला-फुसला कर ले गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को बरामद कर लिया। उसके अदालत में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए गए। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक पीड़ित ने कहा कि आरोपी उसका शोषण कर रहा था, लेकिन आरोपी की बहन ने उसे धमकी दी कि अगर उसके भाई के खिलाफ बयान दर्ज कराए तो कहीं का नहीं छोड़ेंगे। डर के कारण वह सही बयान नहीं दे सकी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक व उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया। तभी से जिला अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। कोर्ट ने सोमवार को मोनू को दोषी करार दिया, जबकि उसकी बहन को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें