झज्जर। इस बार भी मतदाताओं को नोटा दबाने का अधिकार दिया गया था। इसका मतलब था कि वह लोग जो किसी प्रत्याशी को नहीं चुनना चाहते, वह नोटा दबा सकता था। जिले की चार विधानसभा सीटों से 1708 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। बहादुरगढ़ विधानसभा सीट से सबसे ज्यादा 564 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया, जबकि सबसे कम बेरी विधानसभा सीट से केवल 289 लोगों ने नोटा का बटन दबाने का काम किया। यही नहीं जिले की चार विधानसभा सीट से 18 प्रत्याशी ऐसे रहे, जिनको नोटा से भी कम वोट हासिल हुए।
झज्जर विधानसभा क्षेत्र में नोटा का बटन 444 लोगों ने दबाने का काम किया। यहां नोटा से कम 6 प्रत्याशियों को मत मिले। इसमें निर्दलीय संजय को 28, निर्दलीय सतबीर चुंबक एडवोकेट को 67, निर्दलीय राजल को 80, निर्दलीय नरेंद्र सिंह फौजी को 135, निर्दलीय सुनील कुमार को 153, रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया ए के जयदीप को 193 मत हासिल हुए।
बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में नोटा का प्रयोग 564 लोगों ने किया। बहादुरगढ़ में नोटा से कुल 8 प्रत्याशी हार गए। इसमें निर्दलीय राजेश कुमार को 512, निर्दलीय राजेश कुमार को 487, निर्दलीय रोहित कुमार को 294, निर्दलीय महेंद्र को 255 निर्दलीय सुनीता को 187, निर्दलीय प्रवीण कुमार को 94, निर्दलीय अरुण गोयल को 81 और निर्दलीय चेष्टा को 66 मत मिले।
बादली विधानसभा क्षेत्र में नोटा को 411 लोगों ने पसंद किया। यहां नोटा से चार प्रत्याशियों को कम मत मिले। इसमें निर्दलीय संदीप को 201, निर्दलीय अमित कुमार को 124, निर्दलीय वीरेंद्र सिंह बिलू को 81, निर्दलीय पूनम को 43 मत हासिल हुए।
इसी प्रकार बेरी में नोटा को 289 लोगों ने पसंद किया, लेकिन सभी प्रत्याशियों को नोटा से अधिक वोट मिले। बेरी में प्रत्याशियों में सबसे कम मत जननायक जनता पार्टी के प्रत्याशी सुनील को 1119 मत मिले।