शहर के सेक्टरों की टूटी सड़कों के गड्ढे 17 करोड़ रुपये खर्च कर भरे जाएंगे। बजट को सरकार ने मंजूरी दे दी है। वीरवार को निगम आयुक्त एवं एचएसवीपी प्रशासक धीरेंद्र खड़गटा ने सेक्टर एक, दो, तीन, चार, छह व 14 के प्रधानों व निगम पार्षद के साथ बैठक में यह सूचना दी। साथ ही कहा कि मानूसन से पहले सेक्टरों से बारिश के पानी की निकासी के लिए सीवरेज लाइन स्ट्रोम वाटर लाइन साफ कर दी जाएंगी। इसके लिए अधिकारियों को टेंडर लगाने की हिदायत दी।
वीरवार दोपहर करीब तीन बजे ऑल सेक्टर्स वेल्फेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी वार्ड 11 के पार्षद कदम सिंह अहलावत की अध्यक्षता में एचएसवीपी प्रशासक एवं निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा से मिले। पार्षद कदम सिंह ने बताया कि आयुक्त ने बताया कि सेक्टरों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार गंभीर है। बरसाती नालों की सफाई और मरम्मत का कार्य नगर निगम द्वारा और सीवर लाइनों की सफाई व मरम्मत का कार्य एचएसवीपी द्वारा शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए टेंडर लगा दिये गये हैं। सफाई के साथ साथ दोनों समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए सेक्टर-1 के देवीलाल पार्क में अलग अलग सम्पवैल भी बनवाए जाएंगे। इसके लिये एस्टीमेट और टेंडर वगैरह का कार्य दोनों विभागों द्वारा 3-4 दिन में पूरा कर लिया जायेगा। टूटी सड़कों की मरम्मत व नई सड़क को बनाने का कार्य भी जल्द ही शुरू कर दिया जायेगा। इस कार्य के लिये अलग अलग सेक्टरों को अलग अलग बजट अलॉट कर दिया गया है। ग्रीनबेल्टों की मरम्मत व मेंटेनेंस के लिये भी दो करोड़ रुपये का एस्टीमेट बना दिया गया है।
सेक्टर-1 व 2 के बीच जेएलएन कैनाल के साथ लगती ग्रीन बेल्ट को विकसित करने का कार्य नगर निगम को दे दिया गया है। पार्षद के अलावा सेक्टर एक प्रधान पवन आहूजा, रणवीर सिंह छिल्लर प्रधान सेक्टर-4, दीपक मलिक प्रधान सेक्टर-2, सुखबीर हुड्डा प्रधान सेक्टर-3, सुखबीर माथुर प्रधान सेक्टर-4 एक्सटेंशन, संतलाल बुद्धवार प्रधान सेक्टर-14, डॉ रणजीत सिंह मलिक, धनराज रंगा व संजय सांगवान भी मौजूद रहे।