रेवाड़ी। जिले की 396 प्राइमरी स्कूलों में वीरवार को एफएलएन को लेकर मेगा ई पीटीएम का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया, जिसमें कक्षा तीन, चार और पांचवीं के 28 हजार विद्यार्थियों में से करीब 12 हजार विद्यार्थियों के परिजन शिक्षकों के साथ जुड़ सके। पीटीएम में इंटरनेट की खामियों अथवा स्मार्टफोन न होने के चलते करीब 16 हजार अभिभावक टीचर्स के साथ संवाद नहीं कर पाए।
इस मेगा ई पीटीएम में विद्यार्थियों के परिजनों और शिक्षकों के बीच एफएलएन (मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) विषय को लेकर बातचीत हुई, जिसमें अध्यापकों ने अभिभावकों को एफएलएन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पीटीएम में अध्यापकों ने अभिभावकों को बताया कि एफएलएन भारत सरकार की नई शिक्षा नीति के निपुण भारत मिशन के अंतर्गत चलाया गया है। एफएलएन मिशन का मुख्य उद्देश्य कक्षा तीन, चार और पांच तक के लगभग सभी बच्चों का समग्र विकास करना है, यह एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जो बच्चों को सार्थक रूप से किसी भी चीज़ को सिखाता है। इस मिशन के तहत बच्चों को वह सभी बुनियाद शिक्षा दी जाती है जिन्हें सीखकर वह आगे बढ़ सकें और एक अच्छा छात्र बन सकें।
एफएलएन में भाषाई ज्ञान व संख्या ज्ञान पर डाला प्रकाश
शिक्षकों ने अभिभावकों ने बताया कि एफएलएन को दो भागों में बांटा गया है, पहला मूलभूत भाषाई ज्ञान और दूसरा मूलभूत संख्या ज्ञान। इसमें बच्चों की समझ के साथ पढ़ने और बुनियादी गणितीय संक्रियाओं को करने की क्षमता के बारे में बताया जाएगा। प्राथमिक कक्षाओं के लिए भाषा के मुख्य क्षेत्र और योग्यताएं मौखिक भाषा विकास, ध्वनि जागरूकता, पढ़कर समझना, लेखन और डिकोडिंग जरूरी है। इसी प्रकार संख्या ज्ञान के लिए संख्याओं की पहचान, स्थानीय मान की समझ, तीन अंकों के जोड़, घटाव, आकार और पैटर्न की समझ, लंबाई, ऊंचाई और वजन की अवधारणाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
मेरा बेटा चौथी कक्षा में पढ़ता है। मुझे आज शिक्षा विभाग की ई पीटीएम में जुड़ना था, लेकिन स्मार्टफोन न होने से पीटीएम में शामिल नहीं हो सका। इसकी वजह से मुझे पता नहीं चल सका कि एफएलएन के तहत बच्चों को क्या कुछ सिखाया जाएगा।
-दिनेश कुमार, नाई वाली
जिले के सभी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों व शिक्षकों के बीच संवाद के लिए ऑनलाइन माध्यम में पीटीएम का आयोजन किया गया। जिसमें सभी अभिभावकों ने उत्साह से भाग लिया। पीटीएम में उन्हें एलएलएन को लेकर बताया गया।
-चरणसिंह, एफएलएन समन्वयक रेवाड़ी