नगर निगम ने शहर की दो लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी आईडी में से 10 हजार प्रॉपर्टी आईडी को परिवार पहचानपत्र से जोड़ दिया है। बाकी को जोड़ने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है। खुद एडीसी महेंद्र पाल शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रक्रिया की समीक्षा करेंगे। उधर, प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन ने गांधी कैंप में बैठक कर आरोप लगाया है कि प्रॉपर्टी आईडी को परिवार पहचान पत्र से जोड़ने के नाम निगम नई आईडी नहीं बना रहा, इससे लोग परेशान हो रहे हैं।
रोहतक प्रॉपर्टी डीलर्स एवं एडवाइजर्स एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट रमेश खुराना का कहना है कि नगर की कार्यशैली से आम लोग बेहद परेशान है। सरकार नए-नए नियम लेकर आ रही है, लेकिन सिस्टम अपडेट नहीं है। जो लोग नई आईडी टुकड़ों में बनवाना चाहते हैं, उनकी फाइल नगर निगम नहीं ले रहा है। एक तरफ तो सरकार कई कॉलोनियों में छोटे टुकड़ों में प्लॉट बिक्री पर रोक लगा चुकी है और दूसरी तरफ नई आईडी में संशोधन नहीं हो पा रहा है। इससे लोग चाहकर भी अपनी प्रॉपर्टी को बेचने में असफल हो रहे हैं। बैठक में जगबीर सिंह पावड़िया, महासचिव मदन लाल कुरड़ा, उपप्रधान भीमसेन वधवा, सचिव राजेश अरोड़ा, पवन कपूर, कोर्डिनेटर अनिल लाठ, मनोज बत्रा, सचिव कर्मबीर सोलंकी, अजय धींगड़ा, जितेंद्र बतरा, नवीन बंसल, संजय खुराना, रमेश शर्मा, एडवोकेट कमलेश चहल, अमृतलाल कपूर, जितेंद्र बत्रा, रमेश सेन, अशोक कुमार, बलजीत सिंह, सुधीर शर्मा, विवेक हंस, गौरव, अनिल आनंद, विरेन्द्र व संजय भी मौजूद रहे।
वर्जन
निगम ने 10 हजार के करीब प्रॉपर्टी आईडी को परिवार पहचानपत्र से जोड़ दिया है। बाकी जोड़ने का कार्य चल रहा है। तकनीकी दिक्कत के चलते पोर्टल काम नहीं कर रहा था, जो अब चालू हो गया है। साथ ही निगम नई आईडी भी बना रहा है।
- अशोक शर्मा, जोनल टैक्स ऑफिसर नगर निगम