कोसली। सीएचसी नाहड़ में एक्स-रे मशीन खराब होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें निजी अस्पतालों में पैसे खर्च करके एक्स-रे करवाना पड़ रहा है। इसके चलते ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों में प्रशासन से एक्स-रे मशीन जल्द ठीक करवाने की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाहड़ में पिछले 28 महीनों से एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है। ग्रामीणों को एक्स-रे करवाने के लिए कोसली, रेवाड़ी शहर, महेंद्रगढ़, दादरी आदि निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है, जहां मरीजों का समय और पैसे दोनों ही बर्बाद होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार जहां आम आदमी को सुलभ स्वास्थ्य सुविधा देने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं लंबे समय से खराब पड़ी एक्स-रे मशीन इस पर प्रश्नचिन्ह लगा रही है।
सीएचसी नाहड़ के अंतर्गत 5 पीएचसी और लगभग 56 गांव आते हैं। सीएचसी में एक्सरे मशीन खराब होने के कारण इन सभी गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के सरपंच महेंद्र सिंह, पूर्व चेयरमैन सुरेंद्र नाहड़िया, पूर्व सरपंच प्रदीप शेखावत, पूर्व पंच सुरेन्द्र यादव, समाजसेवी रामौतार बव्वा, नेहरू गढ़ सरपंच आशीष कुमार, पार्षद विनोद कुमार गोला आदि ने उच्च अधिकारियों से जल्द एक्सरे मशीन ठीक करवाने की मांग की है।
सीएचसी में दवाइयां और रेबीज के इंजेक्शनों का टोटा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाहड़ में रेबीज के इंजेक्शन के साथ-साथ दवाइयों का भी टोटा बना हुआ है। एसएमओ डाॅक्टर मनीष ने बताया कि एक्स-रे मशीन के साथ साथ सीएचसी में रेबीज के इंजेक्शन नहीं है और दवाइयां भी कम है। इसके लिए अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
एक्स-रे मशीन इंजीनियर द्वारा कंडम घोषित की गई है। यह रिपेयर नहीं हो सकती। नई मशीन खरीदनी है। हमारे पास नई मशीन खरीदने की पावर नहीं है। इसके लिए डीजी को 4 माह पूर्व पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। रिमाइंडर भी भिजवाया गया था। मई में दवाईयां खरीदने का बजट आते ही एंटी रेबीज के इंजेक्शन खरीद लिए जाएंगे।
-सुरेन्द्र यादव, सिविल सर्जन रेवाड़ी।
रेवाड़ी। बिल्डिंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाहड़। संवाद