रेवाड़ी। जिले में सोमवार को मंदिरों में मां शीतला देवी का बासौड़ा पूजन किया गया। महिलाओं ने बासे पकवानों से पूजन कर स्वास्थ्य रक्षा की कामना की। वहीं बच्चों ने मंदिरों के बाहर मेलों का लुत्फ उठाया। ग्रामीण अंचलों में भी बासोड़ा पूजन किया गया। सोमवार की सुबह से ही शहर के मोहल्ला कुतुबपुर स्थित बुद्धों माता मंदिर, गोल चक्कर सैनी स्कूल के समीप शीतला माता मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ने लगी। रात 12 बजे के बाद ही बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। महिलाओं ने मां शीतला देवी का बासे पकवानों से भोग लगाकर स्वास्थ्य रक्षा की मन्नतें मांगी।
मंदिर के पुजारी रमेश के मुताबिक, होली के बाद आग ठंडी करने एवं शरीर पर निकलने वाले छोटी माता, बड़ी माता के प्रकोप से बचाव के लिए शीतला माता की पूजा की जाती है। मान्यताओं के अनुसार माता को प्रसन्न करने के लिए बासे पकवानों का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया जाता है। जिससे प्रसन्न होकर शीतला माता अपने भक्तों के स्वास्थ्य की रक्षा करती हैं।
इस दौरान मंदिर परिसरों के आसपास मेले भी लगा, जिसमें बच्चों ने लुत्फ उठाया। वहीं, महिलाएं भी खरीदारी करने से पीछे नहीं रहीं। शीतला माता के बसौड़ा पूजन पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर और मेले में रात से ही पुलिस के जवानों को भी विशेष रूप से तैनात किया गया।