रेवाड़ी। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर बसे गांव कुंडल में पेयजल प्रमुख समस्या है। करीब 3500 आबादी वाले गांव में 1400 मतदाता और 9 वार्ड पंचों के लिए है। उम्मीदवारों ने लोगों के घरों पर दस्तक देनी शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीणों ने गांव की मुख्य समस्या के समाधान कराने की नीयत रखने वाले को ही वोट देने का मन बनाया हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि हमारा गांव डार्क जोन में होने की वजह से पीने के पानी की मुख्य समस्या है। इसके अलावा गांव में परिवहन व स्वास्थ्य सुविधा का भी अभाव है। पंचायत चुनाव में एक तरफ जहां दावेदार ग्रामीणों को लुभाने में जुटे हुए है। वहीं दूसरी ग्रामीण ऐसे प्रत्याशी को सरपंच चुनने को मन बना चुके हैं, जो गांव की भलाई के साथ सभी वादों को पूरा करने की नीयत रखता हो। गांव की मुख्य समस्या पीने के पानी का समाधान मुख्य रूप से करवाए। ऐसे ही प्रत्याशी को वोट देकर जीत करवाएंगे। पिछली योजना में गांव की कमान महिला उम्मीदवार के हाथों में थी, लेकिन गांव डार्क जोन में होने की वजह से पानी की समस्या का समाधान नहीं हो सका। वहीं स्वास्थ्य को लेकर भी कोई सुधार नहीं करवाया। गांव में परिवहन सुविधा भी नहीं होने से काफी परेशानी होती है, ग्रामीण व पढ़ने वाले युवाओं को काफी दिक्कत हो रही है।
क्या कहना है ग्रामीणों का
मैं पहली बार वोट डालूंगा। अपने मत का प्रयोग सोच समझकर करूंगा। ऐसे जनप्रतिनिधि का चुनाव करेंगे जो गांव के भाईचारे व विकास की ओर ध्यान करेगा। साथ ही समस्याओं का समाधान कराने वाला हो।
गौरव- ग्रामीण
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गांव के विकास के लिए वोट करूंगा, न कि किसी चेहरे को देखकर। ऐसा जनप्रतिनिधि चुनूंगा, जो गांव के विकास करा सके। साथ्ज्ञ ही गांव में पेयजल की समस्या को खत्म करा सके।
संदीप - ग्रामीण
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गांव एक परिवार है। सभी उम्मीदवार इसके सदस्य हैं, जो उम्मीदवार गांव की मुख्य समस्या का समाधान करेगा, उसी को वोट मिलेगा। गांव में परिवहन सुविधा का होना बेहद जरूरी है। पेयजल की समस्या का समाधान होना चाहिए।
शिवचरण, ग्रामीण
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गांव में काफी समस्या है, जो पीने का पानी समस्या का समाधान करेगा। अबकी बार उसे ही वोट देंगे। ग्रामीणों ने ऐसे प्रत्याशी को गांव की चौधर देने चाहिए, जो बिना भेदभाव के गांव में विकास कार्य करवाए।
बिजेन्द्र सिंह, ग्रामीण