संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरियाणा रोडवेज रेवाड़ी डिपो की साझा मोर्चा की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें अर्जित अवकाशों के कटौती को लेकर रोष जताया गया। इसके विरोध में 9 नवंबर को काली पट्टी बांध कर दिवाली मनाने का निर्णय लिया गया। इसमें रोडवेज कर्मियों ने कहा कि उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया तो 26 नवंबर को करनाल में मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने 20 सितंबर 2022 को पत्र जारी किया गया था जिसमें कर्मचारियों के अर्जित अवकाश की गणना 1995 के नियम से की गई। साझा मोर्चा ने इसका विरोध किया गया। इसके बाद 11 जून 2023 को फरीदाबाद में परिवहन मंत्री के आवास का घेराव किया गया। मुख्य सचिव व परिवहन मंत्री के साथ 26 जून को हुई बैठक में यह तय हो गया था कि जो भी अर्जित अवकाश की कटौती हुई है वह बिल्कुल गलत है और सरकार द्वारा लेटर भी जारी कर दिया गया था कि आपकी अर्जित अवकाश पहले की तरह ज्यों के त्यों रहेंगे। फिर भी मुख्य सचिव ने फिर कर्मचारियों के अर्जित अवकाश पर कैंची चला दी है।
बैठक में मोर्चा के यूनियन प्रधान राजपाल यादव, प्रवीण यादव, सवि यादव, संजय यादव, नवीन यादव, महेंद्र सिंह, अशोक कुमार, नरेंद्र दाखोरा, ऊधम सिंह, रविंद्र कुमार, विनय कुमार, सतपाल सिंह, विकास यादव, महेंद्र सिंह, प्रीतम, श्रीपाल यादव, सुदेश, विनय यादव, रामकिशन, अजीत यादव, धर्मेंद्र, राजेश, मुकेश, महेश कुमार, अभिजित, रामकिशन फौजी, बाल किशन मौजूद रहे।
डिपो को बीएस-6 की 35 बसों की जरूरत
रेवाड़ी। बैठक में रोडवेज कर्मियों ने बीएस-6 बस की संख्या बढ़ाने की भी मांग की। वक्ताओं ने कहा कि रेवाड़ी डिपो में बीएस-6 बस की कमी के चलते यात्री समय पर दिल्ली नहीं पहुंच पाते हैं। यात्री परेशान रहते हैं। रोडवेज के बेडे में बीएस-6 की 30 बस आनी थी। तत्कालीन महाप्रबंधक ने इसको ना लेकर रोडवेज बेड में दूसरे डिपो से किलोमीटर स्कीम की पुरानी 10 बस लाईं जो दयनीय स्थिति में हैं जबकि 1 नवंबर 2023 से दिल्ली में बीएस-4 बस की एंट्री बंद हो गई है। अभी डिपो में कम से कम 35 ओर बीएस-6 रोडवेज बस की जरूरत है ताकि यात्रियों को समय पर बस सेवा मिल सके।