रेवाड़ी। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में नहरी पानी की सप्लाई की जाती है। जिस कारण शहर के अधिकतर लोग नहरी पानी की सप्लाई पर ही निर्भर है। ऐसे में गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत भी अधिक रहती है। इसी किल्लत को दूर करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब एक साल पहले लिसाना एक वाटर स्टोरेज टैंक बनाने की अनुमति मांगी गई थी। अब विभाग के मुख्यालय से इसके निर्माण प्रक्रिया के तकनीकी अनुमति मिल गई है।
दिसंबर माह के पहले सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। टेंडर लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अप्रैल महीने की शुरुआत में इसके निर्माण की पूरी उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के तहत करीब एक करोड़ 74 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी है। लिसाना से लगते नगर परिषद के वार्ड के करीब 50 हजार से ज्यादा आबादी के लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
वाटर स्टोरेज टैंक की होगी 72 लाख गैलन की क्षमता
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लिसाना गांव में पहले भी दो वाटर टैंक बनाए हुए है। दोनों वाटर टैंक की क्षमता तीन करोड़ चालीस लाख गैलन पानी की है। अब शहर में पानी की पूर्ति के लिए एक नया वाटर टैंक बनाया जाना है, जिसकी क्षमता 72 लाख गैलन होगी। वहीं तीन करोड़ छब्बीस लाख चालीस हजार लीटर पानी आएगा। इस नए वाटर टैंक को भरने के लिए दो नए पंप भी लगाए जाएंगे। अब तीनों वाटर टैंक स्टोरेज में पानी को एकत्रित करके ही शहर में सप्लाई दी जाएगी। शहर में प्रतिदिन 22.32 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई की जाती है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नया टैंक बनने से शहर में पानी की कमी नहीं रहेगी। वहीं इस टैंक की सप्लाई शहर के धारुहेड़ा चुंगी तक पाइपलाइन डालकर लाई जाएगी।
30 दिन तक रहेगा वाटर स्टोरेज
शहर के लोगों के लिए पानी की सप्लाई के तहत जनस्वास्थ्य विभाग को सिंचाई विभाग की तरफ से नहर से 16 से 24 दिनों अंतराल में नहरी पानी उपलब्ध करवाया जाता है। इस पानी को ही इस दौरान शहर क्षेत्र में सप्लाई किया जाता है। ऐसे में नहरी पानी किसी कारण से देरी से मिलता है तो शहर में जल संकट गहरा जाता है। इस समय विभाग के पास 30 दिन से अधिक पानी स्टोर करने की क्षमता हो गई है। यही कारण है कि शहर में तीसरे वाटर स्टारेज टैंक का निर्माण किया जा रहा है।
लिसाना में तीसरे वाटर स्टोरेज टैंक के लिए तकनीक अनुमति मिल गई है। अब इसके लिए दिसंबर माह के पहले सप्ताह में निर्माण कार्य शुरु कर दिया जाएगा। इसके निर्माण होने से शहर में गर्मियों के सीजन में पीने के पानी की कोई कमी नहीं रहेगी। उम्मीद है कि अप्रैल माह की वाटर टैंक स्टोरेज की शुरुवात कर दी जाएगी।
-दीपक यादव, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग