रेवाड़ी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में राज्य के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई। इसमें रेवाड़ी जिला भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रेवाड़ी के 16 गांवों को नहर आधारित जलापूर्ति के लिए अतिरिक्त स्टोरेज टैंक का निर्माण कराया जाएगा, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस योजना का लाभ उन ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा, जहां पर पानी की इस वक्त सबसे ज्यादा परेशानी है। साथ ही खाटेला में 14 गांवों और एक ढाणी को जलापूर्ति के लिए अतिरिक्त स्टोरेज टैंक का निर्माण कार्य को भी मंजूरी प्रदान की गई है। जिला परिषद के भवन निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। बता दें कि अभी गांव मामडिया आसमपुर और प्राणपुरा में जलघर बनाने के लिए करीब 16 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि खर्च किए जा रहे हैं। इन दोनों जलघरों में नहर आधारित जलापूर्ति होगी। दरअसल, ग्रामीणों की तरफ से लंबे समय से जलघर की मांग की जा रही थी। क्योंकि कई बार सप्लाई का पानी पीने लायक नहीं होता है।
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अटल भूजल योजना के तहत गोठड़ा टप्पा खोरी में 70.72 लाख से सुधारा जाएगा भू-जलस्तर
गांव गोठड़ा टप्पा खोरी को अटल भूजल योजना के तहत जोड़ा जाएगा। यह योजना क्षेत्र में भूजल संबंधी समस्याओं को दूर करने और
स्थायी जल प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में कारगर साबित होगी। इसके लिए पुनर्भरण तालाब का निर्माण कराया जाएगा। वहीं बरसाती नाले को तालाब से जोड़ा जाएगा। इससे क्षेत्र में गिरते भू-जलस्तर में सुधार होगा। साथ ही पानी की व्यवस्था भी दुरुस्त होगी। इस पर करीब 70.72 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। दरअसल खंड खोल इस वक्त डार्क जोन में है। भू-जलस्तर कई फिट नीचे है। दूसरे जिलों से आए नहरी पानी को जनस्वास्थ्य विभाग अपने संसाधन इस्तेमाल करके पीने योग्य बनाकर आपूर्ति करता है। पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से दर्जनों गांव आज भी पेयजल की कमी से जूझ रहे हैं।
गांव मामडिया आसमपुर और प्राणपुरा में एक एक वाटर टैंक बनेगा। कार्य प्रगति पर है।-प्रवीण, जेई, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग