रेवाड़ी। शहर में करीब तीन लाख की आबादी को फिर से पानी की समस्या के चलते परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से 8 मार्च से पानी की राशनिंग शुरू कर दी जाएगी। राशनिंग के तहत शहर के एक हिस्से को एक दिन व दूसरे हिस्से को दूसरे दिन पानी दिया जाएगा। नहरी पानी का शेड्यूल पहले 16-16 दिन का था। यानी 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। दो साल से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन बंद रहता है। शहर में पेयजल सप्लाई पूरी तरह नहरी पानी पर निर्भर है। रेवाड़ी को 16 दिन तक नियमित पेयजल सप्लाई की जाती है। वहीं 24 दिन तक शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलता है। इस दौरान एक दिन शहर के एक हिस्से तथा दूसरे दिन शहर के दूसरे हिस्से में पेयजल सप्लाई की जाती है। अभी फिलहाल शहर में लगभग 35 हजार कनेक्शन हैं। यह सिलसिला अगले 24 दिनों तक जारी रहेगा। शहर में पेयजल राशनिंग का सिलसिला तीन साल से चल रहा है। होली में लोगों को पानी संभलकर इस्तेमाल करना होगा, ताकि पानी की कमी ना हो।
आज इन जगहों पर दी जाएगी सप्लाई
कमेटी टैंक से चलने वाले सभी जोन, दूसरे जोन में अर्जुन नगर, आजाद नगर, गांधी नगर, साधूशाह व नयागांव, तीसरे जोन में तेजपुरा, संघी का बास, गौतम नगर, नई आबादी, सज्जन कॉलोनी, टीपी-9 स्कीम, चौथे जोन में दिल्ली गेट गोल चक्कर, बूस्टर से चलने वाले सभी जोन व गांव कालाका से चलने वाले सभी जोन को आज पानी की सप्लाई दी जाएगी। इसके अलावा बाकी बचे हुए हिस्से में मंगलवार को सप्लाई दी जाएगी।
वाटर टैंक के लिए मिल चुकी है जमीन
लंबे समय से शहर में चली आ रही पानी की राशनिंग से शहरवासियों को छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है। ऐसा इसलिए क्योंकि शहर से सटे गांव भगवानपुर की पंचायत ने जनस्वास्थ्य विभाग को 11 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव पास कर दिया है। यहीं टैंक बनेगा। इससे पहले गांव चांदावास में वाटर टैंक बनाने के लिए लंबे समय तक बात चली, लेकिन प्रक्रिया सफल नहीं हो पाई। उसके बाद गांव भगवानपुर में वाटर टैंक के लिए जमीन की मांग पंचायत से की गई। अब जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जरूरी दस्तावेजों को पूरा कराया जा रहा है।
जिले को मिलता है महज 510 क्यूसेक पानी
पानीपत स्थित खूबडू से रेवाड़ी तक जवाहरलाल नेहरू कैनाल के माध्यम से पानी पहुंचता है। इस दौरान नहरी पानी को 18 बार लिफ्ट करना पड़ता है। रेवाड़ी में नहरी पानी की मात्रा करीब 770 क्यूसेक निर्धारित की गई है, लेकिन जिले को महज 510 क्यूसेक पानी ही मिल पाता है। वहीं दूसरी ओर नहरी पानी रेवाड़ी में महज 15 दिन ही चल पाता है। शहर में नहरी परियोजना पर आधारित पेयजल सप्लाई है। यहां नहर के पानी को कालाका व लिसाना में बने जलघरों में एकत्रित किया जाता है। इसके बाद वहां से धारूहेड़ा चुंगी और नगर परिषद में बने टैंक के माध्यम से शहर की कॉलोनियों में पानी सप्लाई छोड़ा जाता है। शहर में पानी के लिए 20 जगह बूस्टिंग स्टेशन बनाए हुए हैं।
शुक्रवार को राशनिंग शुरू कर दी जाएगी। अब एक दिन छोड़ शहरवासियों को पानी दिया जाएगा। 30 मार्च को नहर में पानी आने का शेड्यूल है।
-दीपक यादव, जेई जनस्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी।