संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। भिवाड़ी प्रशासन की ओर से गुपचुप तरीके से बड़े नाले की दीवार तोड़ कर दूषित पानी को हरियाणा की तरफ छोड़ा जा रहा है। इससे धारूहेड़ा में जलभराव से लोग परेशान हैं। नेशनल हाईवे नंबर-919 पर पर भी पानी भर गया है।
हरियाणा प्रशासन ने धारूहेड़ा सीमा में एनएच 919 पर बनाए गए रैंप के समीप नाले में मलबा डलवा कर उसे बंद करा दिया था ताकि भिवाड़ी का पानी हरियाणा की तरफ न आए। इससे स्थिति ऐसी बिगड़ी की भिवाड़ी की रफ्तार थम गई। अब भिवाड़ी प्रशासन ने पुलिस को साथ लेकर गुपचुप तरीके से बड़े नाले की दीवार तुड़वाकर पानी को हरियाणा के खाली प्लाट की तरफ डायवर्ट कर दिया है। इस नाले को प्रशासन ने बाईपास पर पानी जाने से रोकने के लिए बंद किया है लेकिन गौरव पथ और यूआईटी थान के सामने बिगड़े हालात को सुधारने के लिए इस नाले में आ रहे पानी को निकालना बेहद जरूरी था।
भिवाड़ी से छोड़ा गया दूषित पानी गांव महेश्वरी व सेक्टरों तक पहुंच गया है। महेश्वरी की दुकानों व घरों के अंदर तक पानी घुस गया है जिससे लोग काफी परेशान हैं। नेशनल हाईवे-919 सोहना रोड पर जलभराव में वाहन फंस रहे हैं जिन्हें निकालने के लिए चालकों को मशक्कत करनी पड़ रही है। दो राज्यों की सरकार लंबे समय से कंपनियों से निकलने वाले दूषित पानी को सड़कों पर आने से रोक नहीं पा रही है। जलभराव से एनएच-919 सोहना रोड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। रैंप बनाने के बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
केंद्र से लेकर हरियाणा व राजस्थान में भाजपा की सरकार है। फिर भी इस समस्या के समाधान पर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि जनता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। हर बार कोरे आश्वासन और नए प्रोजेक्ट की बात कर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
दोनों राज्यों के अधिकारियों की हुई थी बैठक
गत वर्ष 30 जुलाई को हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अलवर और रेवाड़ी के उच्चधिकारियों के साथ बैठक की थी और उन्हें दूषित पानी के प्रवाह को रोकने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया था। राजस्थान के अफसरों ने समाधान के लिए कदम नहीं उठाया। मनोहर लाल ने दूषित पानी और रैंप का भी जायजा लिया था। भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी घुसने समस्या करीब दो दशक पुरानी है। इसी को लेकर प्रशासन की ओर से धारूहेड़ा-भिवाड़ी के बीच एक रैंप बनाया था। तिजारा विधायक बाबा बालक नाथ पिछले वर्ष नवंबर में रैंप को तोड़ने के लिए पहुंचे थे लेकिन विवाद थम गया था।
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भिवाड़ी से आने वाले पानी से मेरी 5 एकड़ की भूमि सहित कई लोगों की भूमि खराब हो चुकी है। उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं गई।-उधम सिंह, नंबरदार, महेश्वरी गांव।
भिवाड़ी से पानी छोड़ने जाने के बाद महेश्वरी गांव में 10 से 15 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित है। जलभरा से फसल तो बर्बाद हुई ही, साथ ही भूमि मालिकों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।-दलबीर सिंह, चेयरमैन महेश्वरी ब्लॉक, धारूहेड़ा।