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Rewari News: सोलहाराही तालाब की दीवार जमींदोज, सड़क धंसने का खतरा

Mon, 09 Sep 2024 01:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। बारिश के चलते रविवार को भूतेश्वर मंदिर के सामने निर्माणाधीन प्राचीन सोलहाराही तालाब की दीवार गिर गई। मंदिर के पास सड़क में भी दरारें पड़ चुकी हैं जिससे सड़क धंसने की आशंका है।
मंदिर की तरफ तालाब की दो जगह से दीवार टूट कर गिरी है। दीवार का 20 प्रतिशत हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। जो हिस्सा टूट कर गिरा है, कुछ दिन पहले उसकी मरम्मत करवाई गई थी। गत माह भी नेहरू पार्क के साथ लगती दीवार का कुछ हिस्सा टूट कर ध्वस्त हुआ था। इससे पहले भी तालाब के दूसरे साइड की दीवार का हिस्सा टूटकर गिरा था। बार-बार दीवार गिरने से मजदूर भी परेशान हैं। मजदूरों को काम करते समय दीवार गिरने का डर रहता है। लोगों का कहना है कि दीवारों को तोड़कर नए सिरे से निर्माण करनी चाहिए।
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एक तरफ दीवारें बन रही हैं, दूसरी तरफ टूट रही हैं। तालाब की तीनों तरफ से दीवारों का हिस्सा दिनों दिन झुका है। जब तालाब के सुंदरीकरण का कार्य शुरू हुआ था, उस वक्त भी यही स्थिति बनी हुई थी। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे दीवार जगह-जगह टूट कर गिर रही है। सोलहाराही तालाब और बड़ा तालाब का 10 करोड़ से सुंदरीकरण किया जा रहा है।

समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा

सोलहाराही तालाब की दीवार जगह-जगह गिरने से काफी क्षति हो रही है। एक तरफ दीवार बन रही है तो दूसरी तरफ टूट रही है। इससे निर्माण के नाम पर पैसा बर्बाद हो रहा है। दीवारों को दुरुस्त करने में कई महीने का समय लगता है। ऐसे में खर्च भी बढ़ता है। दीवारों पर जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह तालाब के ही पुराने पत्थर हैं। इन पत्थरों को जोड़ने के लिए भट्ठे से तैयार पकी हुई ईंटों को पहले मशीन से पीसा जाता है। उसके बाद लेप तैयार होता है, इससे इन पत्थरों को जोड़ा जाता है। बता दें कि बड़ा तालाब और सेक्टर-1 स्थित सोलहराही सरोवर के जीर्णोद्धार का कार्य जारी है। दोनों तालाबों में बने घाट, बावड़ियां व सीढ़ियों को संवारा जा रहा है। बड़ा तालाब और सेक्टर-1 स्थित सोलहराही सरोवर के जीर्णोद्धार का कार्य जारी है। दोनों तालाबों में बने घाट, बावड़ियां व सीढ़ियों को संवारा जा रहा है। प्राचीन होने के साथ ही इनकी बनावट भी बेहतर है। दिल्ली-जयपुर हाईवे के निकट होने के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
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वर्जन:

पहले भी हम अगाह कर चुके हैं, उसके बावजूद ध्यान नहीं दिया गया है। मिट्टी खिसक रही है दीवारें गिर रही है, प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। अगर सड़क धंसेगी तो काफी नुकसान हो जाएगा। बड़ी संख्या में यहां पर श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए आते हैं। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द इसका समाधान करवाया जाए। बिल्लू पोलवाल, प्रधान, भूतेश्वर मंदिर समिति
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