कोसली। अनाज मंडी कोसली के पास बने भूमि एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला भवन के नामकरण को लेकर कोसली के लोगों में भारी रोष है। इस विषय को लेकर कोसली गांव के लोगों की एक पंचायत बुलाई गई, जिसमें शिलान्यास पट्ट पर कोसली का नाम जबकि अब इसके उद्घाटन पट पर मिट्टी एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला भाकली लिखा गया है। इसी मुद्दे को लेकर कोसली गांव के लोग स्थानीय पंचायत घर में एकत्र हुए और यह निर्णय लिया कि मामले को लेकर सोमवार को कोसली के लोग एसडीएम को ज्ञापन देंगे। इसके बाद में उपमुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री से मिलकर कोसली गांव से विकास कार्यों में अनदेखी होने से अवगत करवाएंगे।
पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने सरकार को लगभग सौ एकड़ जमीन मुफ्त में दे रखी है। यह जिले का सबसे बड़ा गांव है। कोसली में नगर पालिका बनाने के लिए वर्ष 2019 में सभी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी है, बावजूद इसके कोसली को नगर पालिका का दर्जा नहीं दिया जा रहा। बार बार सरकारी नुमाइंदों से संपर्क करने पर एक ही जवाब में पल्ला झाड़ लेते हैं कि कोसली भाकली का विवाद है। इसे सरकार खत्म करे। पंचायत में निर्णय लिया गया कि कोसली गांव की हर जगह जनप्रतिनिधि कर रहे हैं और जल्द इस संबंध में विधायक से मुलाकात की जाएगी।
कमेटी गठित, रामफल बने अध्यक्ष
इस दौरान एक कमेटी बनाई गई, जिसमें रामफल को अध्यक्ष जबकि अनिल, रिंकू, संदीप पंच, ओमप्रकाश डाबला, होशियार सिंह नम्बरदार, पूर्व वाइस चेयरमैन रवियादव, डॉ. सुचेत, प्रेम कुमार, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष कैलाश भाई, सरोज यादव, नम्बरदार विजय आजाद भी शामिल हैं।