रेवाड़ी। नगर परिषद पर लग रहे लगातार भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अब विजिलेंस की जांच शुरू हो चुकी है। नगर परिषद के पार्षद प्रवीण और सुचित्रा ने बताया है कि विजिलेंस ने कुत्तों की नसबंदी, डंपर चोरी होने और बिना नक्शे के बने कामर्शियल दुकानों को लेकर रिपोर्ट मांगी है। वहीं, डंपर चोरी मामले को लेकर नगर परिषद की खूब किरकिरी भी हुई थी। विजिलेंस की ओर से रिपोर्ट मांगने के बाद से ही नगर परिषद में खलबली मची हुई है।
नगर परिषद में भ्रष्टाचार की जांच को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार पार्षदों ने आवाज उठाई थी। मामला तूल तब पकड़ा जब विधायक चिरंजीव राव ने भी नगर परिषद पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मामले की पूरी जांच विजिलेंस से करवाने की मांग की थी। दूसरी तरफ नगर परिषद की चेयरपर्सन ने कुछ दिनों पहले कहा था कि उनके पास एक-एक रुपये का हिसाब है। सभी डाक्यूमेंट उपलब्ध हैं। कहां पर रुपये खर्च हुए हैं, इसकी पूरी जानकारी उनके पास है। जहां तक भ्रष्टाचार का सवाल है तो इसका सवाल ही नहीं उठता।
जांच पूरी होने के बाद चलेगा पता
वार्ड नंबर 3 के पार्षद और नगर परिषद के फाइनेंस कमेटी के मेंबर प्रवीण ने कहा कि जांच की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। देरी से ही सही अब जांच शुरू हो चुकी है तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। पार्षद प्रवीण ने बताया कि गुरुग्राम विजिलेंस ने रेवाड़ी विजिलेंस इंस्पेक्टर को जांच दी है। तीन अहम मुद्दों पर रिपोर्ट मांगी है। भ्रष्टाचार कहीं ना कहीं हुआ है।
पूर्व चेयरपर्सन ने कहा- गहनता से जांच हुई तो होंगे और भी खुलासे
नगर परिषद की पूर्व चेयरपर्सन और वार्ड 17 की पार्षद सुचित्रा चांदना ने कहा कि हमारे कार्यकाल में भ्रष्टाचार का कभी जिक्र ही नहीं हुआ था। मौजूदा समय में हर दिन नगर परिषद में भ्रष्टाचार को लेकर कोई ना कोई खुलासा हो ही रहा है। अगर इस मामले की जनता से जांच करवाई गई तो और भी खुलासे हो सकते हैं।
80 करोड़ खर्च जरूर हुए, मगर धरातल पर नहीं दिखा कार्य : पार्षद
बता दें कि नगर परिषद ने 3 साल में करीब 80 करोड रुपये की राशि विकास कार्यों पर खर्च की गई है। इस मुद्दे पर भी पार्षदों समेत विधायक चिरंजीव ने कुछ दिनों पहले प्रदर्शन किया था। साथ ही कहा था कि 3 साल में 80 करोड़ जरूर खर्च किए गए, मगर धरातल पर कोई भी कार्य नहीं दिखा है। इसकी भी जांच होनी चाहिए।
विवादों में रहा नगर परिषद
पिछले कुछ मामलों पर नजर डालें तो नगर परिषद विवादों में रहा है। हाल ही में हरियाणा सरकार ने 7 कॉलोनियों की अप्रूवल लिस्ट जारी की थी जिसमें रेवाड़ी की कालोनियां नहीं थी। उसके बाद स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के चेयरपर्सन के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर की थी। अधिकारियों पर भी सवाल उठाए थे। डीएमसी से भी लोग इस संबंध में मिल चुके हैं। जिस पर कहा गया है कि जल्द ही कॉलोनियों को वैध करने के लिए लिस्ट बनाकर ऊपर भेजी जाएगी।
भ्रष्टाचार के आरोप गलत हैं, जिसका जवाब हमेशा से विपक्ष को दिया गया है। जहां तक सवाल विजिलेंस के जांच की है तो इस पर मैं कुछ भी नहीं कहना चाहती हूं।
पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद