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अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य वक्ता बन पहुंचे आईजीयू के कुलपति

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पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार की ओर से 2 अगस्त को भारतीय औषधियों का आधुनिकीकरण एवं जन स्वास्थ्य एवं औद्योगिक दृष्टिकोण विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के कुलपति प्रो. जयप्रकाश यादव मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। मंच से प्रो. यादव ने कहा कि डेंगू रोग संबंधी अपने शोध कार्य पर सेमिनार में प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि यह मादा एडीज मच्छर से फैलता है जिससे हर साल लाखों लोग प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि अपने शोध के दौरान हमने दस अलग अलग पौधों के तत्वों को अलग-अलग तापमान एवं दबाव की स्थिति में मिश्रण तैयार किया ताकि डेंगू पर इसका प्रभाव को देखा जा सके। डेंगू बुखार के इलाज के लिए कोई एक निश्चित एंटी वायरल इलाज फिलहाल मौजूद नहीं। इसलिए इसके प्राकृतिक इलाज की खोज में बरबरीस वल्गैरिस, पपीता आदि 10 पौधों को परीक्षण के लिए चुना। प्रयोग करने पर पाया गया कि कालमेघ, द्रोणपुष्पी एवं तुलसी पौधे का अर्क शत प्रतिशत डेंगू वायरस को नष्ट कर देता है।
प्रो. जेपी यादव ने कहा कि इन पौधों में पाए जाने वाले पादप रसायन एंड्रोग्लोफाईड, ओलयोनिक एसिड एवं यूजिनोल डेंगू वायरस को समाप्त कर देते है। अत: ये पौधे डेंगू के इलाज में कारगर साबित हुए। उन्होंने भारतीय दृष्टिकोण से परंपरागत महत्व रखने वाली अनेक प्राकृतिक औषधियों की जानकारी भी दी। इस सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचने पर कुलपति प्रो. जयप्रकाश यादव का स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण ने गुलदस्ते और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया।
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