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Rewari News: तीर्थ पर गए विहिप कार्यकर्ताओं का परिजनों से कटा संपर्क

Tue, 01 Aug 2023 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। मेवात में सोमवार को निकाली जाने वाली बृजमंडल तीर्थ यात्रा में शामिल होने रेवाड़ी और बावल से गए सैकड़ों विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं का परिजनों से संपर्क कट गया है। कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे विहिप जिलाध्यक्ष घनश्याम मित्तल से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था जिससे कई परिवारों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। हिंदू संगठनों ने सोमवार की शाम बैठक करने के बाद पुलिस अधिकारियों से मिलकर वहां फंसे लोगों को सकुशल लाने की व्यवस्था करने की मांग की।
दूसरी ओर देर शाम मेवात से लोगों के लौटने वापस आने का सिलसिला भी शुरू हो गया था, जिनमें कई घायल भी शामिल हैं। इनमें से अधिकांश के वाहन भी क्षतिग्रस्त हैं। विविप कार्यकर्ताओं का जत्था सुबह जिलाध्यक्ष घनश्याम मित्तल के नेतृत्व में मेवात में निकाली जाने वाली बृजमंडल यात्रा में शामिल होने के लिए गया था। परिषद से जुड़े लोगों के अनुसार बावल, कुंड, रेवाड़ी, कोसली व धारूहेड़ा आदि क्षेत्रों से लगभग एक हजार लोग यात्रा में भाग लेने के लिए मेवात गए थे। वहां यात्रा के दौरान हिंसा भड़कने के बाद उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई। यात्रा से काफी लोग हिंसा भड़कने के बाद सुरक्षित वापस भी आ गए लेकिन देर शाम तक काफी कार्यकर्ताओं का कोई अता-पता नहीं था। इन कार्यकर्ताओं से उनके परिजनों का संपर्क दोपहर के समय ही कट गया था, जिससे परिजन उनके साथ जाने वाले लोगों के परिजनों से पूछताछ करने में जुटे रहे। घनश्याम मित्तल व अन्य कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन नॉट रिचेबल आने शुरू हुए तो परिजनों और अन्य लोगों की चिंता बढ़ने लगी। कई गाड़ियां आगजनी की भेंट चढ़ने के कारण कार्यकर्ताओं का वहां से निकलना मुश्किल हो गया।
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देर सायं घायलों के आने का सिलसिला शुरू
देर सायं मेवात गए विहिप कार्यकर्ताओं का घायलावस्था में आने का सिलसिला शुरू हो गया था। कई कार्यकर्ता पथराव में घायल हो गए थे। वह क्षतिग्रस्त वाहनों में किसी तरह रेवाड़ी पहुंचे। घायलों में भिवानी व चरखी दादरी के विहिप कार्यकर्ता भी आ रहे थे, जो मेवात में हुए तांडव से काफी घबराए हुए नजर आ रहे थे। ट्रॉमा सेंटर में घायलों की संख्या बढ़ने की संभावना देखने हुए अस्पताल प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए। देर रात तक घायलों और सुरक्षित कार्यकर्ताओं के घर लौटने का सिलसिला जारी था।
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