संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सितंबर से अबतक जिले के बड़े होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबे, डेयरी और फ्लोर मिल की जांच कर 35 नमूने लिए थे। इनकी जांच में 8 नमूने फेल और 8 पास पाए गए हैं। फेल हुए नमूनों में सबसे अधिक पनीर के हैं। अन्य नमूनों की जांच अभी चल रही है।
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले सक्रिय हो जाते हैं। इसको देखते हुए जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम जांच अभियान चला रही है। सितंबर से अबतक टीम ने नामी गिरामी होटलों, रेस्टोरेंट्स, ढाबों, डेयरी व फ्लोर मिल की जांच कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। इनमें से 16 की जांच रिपोर्ट आई जिनमें 8 फेल और 8 पास पाए गए हैं। पनीर, आटा, सॉस व चाय के नमूने फेल मिले हैं। फेल नमूनों में सबसे अधिक पनीर के हैं। बाकी बचे नमूनों की जल्द ही रिपोर्ट भी आ जाएगी। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक चौधरी ने बताया कि सब स्टैंडर्ड, मिसब्रांडेड व मिसलीड नमूनों वाले मामले एडीसी तथा अनसेफ नमूने के केस सीजेएम की अदालत में लगाए जाते हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के अनुसार सब स्टैंडर्ड केस में 5 लाख रुपये, मिसब्रांडेड में 3 लाख रुपये और मिसलीडिंग नमूनों की रिपोर्ट के मामले में 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा अनसेफ मामले में 6 माह की सजा व एक लाख रुपये तक या फिर केस के आधार पर सजा व जुर्माना हो सकता है।
35 मामले कोर्ट में विचाराधीन, 7 को सजा
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नमूनों को तीन श्रेणी में बांटा है। इनमें सब स्टैंडर्ड, अनसेफ व लेवल शामिल हैं। सबस्टैंडर्ड यानि गुणवत्ता की कमी पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। अनसेफ यानि जीवन के लिए हानिकारक पाए जाने पर एक साल की सजा व पांच लाख रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है। वहीं लेवल यानि किसी ब्रांडेड कंपनी की पैकिंग, न्यूट्रीशियन की मात्रा कम होने के मामले में 3 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। रेवाड़ी जिले में अनसेफ पाए जाने वाले यानि सजा योग्य 35 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। अभी तक सात मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है।
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वर्जन
विभाग की टीम लगातार मिलावटखोरों पर नजर बनाए हुए हैं। एक नवंबर से लगातार दीवाली तक प्रतिष्ठानों से मिठाइयों व अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे ताकि लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सके।- डॉ. दीपक चौधरी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी