रेवाड़ी। रेवाड़ी जिला बार एसोसिएशन
रेवाड़ी। जिला बार एसोसिएशन की जनरल हाउस की मीटिंग में काफी हंगामा के बीच पांच प्रस्ताव पर मोहर लगाई गई। इसके साथ ही बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करते हुए निर्णय लिया कि प्रत्येक वकालत नाम पर वकीलों के वेलफेयर के लिए 50 रुपये की टिकट लगाना अनिवार्य है। यदि किसी अधिवक्ता ने 50 रुपये की टिकट वकालतनामा पर नहीं लगाई तो जांच करने पर उसके ऊपर 1100 पहली बार में दूसरी बार यही टिकट न लगाने पर 2100 जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही 2022 से जिला बार एसोसिएशन के आय व खर्च की जांच के लिए काफी हंगामा के बीच पांच सदस्य कमेटी का भी गठन किया गया है। दरअसल, जिला बार एसोसिएशन के बार रूम में बुधवार को दोपहर साढ़े बारह बजे पांच मुद्दों को लेकर अधिवक्ताओं की जनरल हाउस की मीटिंग बुलाई गई थी। इस मीटिंग की अध्यक्षता प्रधान विश्वामित्र एडवोकेट ने की।
50 रुपये की टिकट अनिवार्य
बैठक में उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने वकीलों के वेलफेयर के लिए शुल्क लिए जाने तथा, पुरानी चैंबर बिल्डिंग की छत की मरम्मत अधिवक्ताओं के ग्रुप इंश्योरेंस तथा वकीलों के खिलाफ पेश होने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ तथा 2022 से अब तक के बाहर के लेखा-जोखा की जांच के लिए मीटिंग बुलाने का प्रस्ताव रखा। इन विषयों पर कई अधिवक्ताओं ने अपनी अपनी राय रखी जिसके बाद बार एसोसिएशन की ओर से निर्णय सुनाते हुए बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र ने यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कराया कि वह अधिकताओं के लिए वकालतनामा पर लगने के लिए 50 रुपये की टिकट अनिवार्य है। सभी अधिवक्ताओं को वकालतनामा लगाने के साथ यह टिकट अवश्य लगनी चाहिए इस पैसे से अधिवक्ताओं के लिए वेलफेयर में खर्च किया जाता है। उन्होंने बताया कि यदि कोई अधिवक्ता वकालतनामा पर 50 रुपये की टिकट नहीं लगता है तो उसे पर 1100 का जुर्माना किया जाएगा और यदि दूसरी बार भी वह ऐसे करता पाया गया तो 2100 का जुर्माना करने के साथ ही सख्त सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चैंबर अधिवक्ताओं की कीमत से होगी मरम्मत
इसके अलावा बैठक में पुरानी चैंबर बिल्डिंग की छत की मरम्मत करने की सहमति दी गई जो कि चैंबर अधिवक्ताओं की कीमत से ही की जाएगी। इसके साथ ही ग्रुप इंश्योरेंस के लिए बार एसोसिएशन के सदस्यों की कमेटी बनाने की बात कही गई तथा अधिवक्ताओं को किसी अन्य अधिवक्ता के खिलाफ आपराधिक मामले में पेश न होने पर भी सहमति जाहिर की गई। इसके अलावा जिला बार एसोसिएशन के प्रधान ने जब 2022 से अब तक के बार एसोसिएशन के लेखा-जोखा की कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखा तो कई अधिवक्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। जिस पर बाद में जिला बार प्रधान विश्वामित्र यादव ने इस कार्य के लिए पांच एडवोकेट सदस्यों की समिति गठित की जिसमें स्वयं प्रधान विश्वामित्र यादव, गांव बोलनी निवासी प्रकाश एडवोकेट, गांव कालका निवासी ओमप्रकाश, गांव भटेड़ा निवासी सुरेश, हरि सैनी व पूर्व कोषाध्यक्ष धनेश यादव को शामिल किया गया है। मीटिंग में उपाध्यक्ष सुरेंद्र पाल, सचिव मन प्रिय यादव, सह सचिव टार्जन यादव कोषाध्यक्ष विवेक यादव सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।