रेवाड़ी। ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी, एआईटीयूसी, सीआईटीयू, एचएमएस आदि यूनियनों ने धारूहेड़ा लाइफ लॉन्ग कंपनी में बॉयलर फटने से 16 श्रमिकों की हुई मौत पर न्याय की मांग की। इसके लिए सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। इसका नेतृत्व अनिल पवार एडवोकेट, राजेन्द्र सिंह एडवोकेट, सतबीर और जसपाल राणा ने किया।
ज्ञापन में मांग की गई कि कंपनी के अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाए। मृतक श्रमिकों के आश्रितों को एक करोड़, गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को 50 लाख, कम घायल को 25 लाख दिया जाए। साथ ही कहा गया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं। यह भी फैसला लिया गया कि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में सरवन कुमार गुप्ता, राज सिंह, उषा सरोहा, कर्मचारी नेता बीर सिंह, कैलाश चंद, सुरेंद्र, अमित यादव, तारादेवी, सुभाष संतोष कुमार ओम बीर, हरिप्रकाश, रामसिंह मनोज कुमार, कुलदीप अन्य मौजूद रहे।
मामले की जांच कर रही एसआईटी
इस हादसे में अब मृतक श्रमिकों की संख्या 16 हो गई है। बता दें कि 16 मार्च को कंपनी में डस्ट कलेक्टर शाम के समय फटा था। 39 श्रमिक झुलस गए थे। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले में किसी प्रकार का एक्शन लिया जाएगा। वहीं 27 मार्च को लाइफ लान्ग कंपनी में करनाल के मधुबन से फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम के सदस्य पहुंचे थे। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों और धारूहेड़ा पुलिस के साथ घटना के संबंध में बातचीत की थी। इस दौरान टीम ने जरूरी साक्ष्य भी जुटाए।
पहले भी दो बार फट चुका था डस्ट कलेक्टर
कंपनी के मजदूर राजकुमार ने पुलिस को बताया था कि 16 मार्च को करीब 60-70 कर्मचारी कंपनी में काम कर रहे थे। समय को 5.45 बजे बॉयलर डस्ट कलेक्टर फट गया। ये बॉयलर डस्ट कलेक्टर पहले भी दो बार फट चुका था। उस वक्त कोई नुकसान नहीं हुआ था। तब भी कंपनी के अधिकारियों और मालिक को इसे ठीक कराने बारे अवगत करवाया था। साथ ही बताया था कि इससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। मगर इस और ध्यान नहीं दिया गया।