रेवाड़ी। बारिश के कारण रेलवे के अंडरपास में पानी भरने से राहगीरों को काफी दिक्कत हो रही है। ऐसे में कुछ लोग रास्ता बदलकर दूसरे रास्ते से एक से दो किमी अधिक दूरी तय कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग जान जोखिम में डालकर बाइक और साइकिल से रेल लाइन पारकर निकल रहे हैं। जिले में यूं तो एक दर्जन से अधिक अंडरपास है, लेकिन साहरणवास, कुंडल, गोविंदपुरी आदि गांवों के अंडरपास बारिश के पानी से लबालब भरे हुए है। ग्रामीणों ने रेलवे सहित जिला प्रशासन को भी कई बार अवगत कराया है, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
रेवाड़ी-नारनौल, रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रेलवे लाइन व रेवाड़ी-अलवर रेलवे लाइन पर बने अंडरपास बारिश के पानी से लबालब है। पानी के कारण ग्रामीणों का निकलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में ग्रामीण रेलवे ट्रेक को पार कर रहे हैं। इससे हर वक्त जान को खतरा बना रहता है। हालांकि रेलवे के अधिकारियों ने यहां चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन अंडरपास में पानी जमा होने के कारण ग्रामीणों के पास अन्य कोई विकल्प ही नहीं है।
नारनौल रेलवे लाइन पर बने साहरनवास अंडरपास में बारिश का करीब पांच फीट पानी भरा होने के कारण दर्जनों गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। दुपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि दो पहिया वाहन चालक अंडरपास के भरे पानी में डूबने की पूरी संभावना बनी हुई है।
28 से गांवों के ग्रामीणों के लिए अंडरपास में भरा पानी बना मुसीबत
साहरनवास, कुंडल व गोविंदपुरी के अंडरपास में पानी जमा होने से दोनों ओर करीब 28 से अधिक गांवों के ग्रामीण परेशान है। दोनों के ग्रामीणों को खेती कार्य से लेकर शहर जाने के लिए इन्हीं अंडरपास होकर निकलना पड़ता है। रेलवे ट्रेक के दोनों ओर गांवों व खेत हैं, जिसके कारण ग्रामीणों का आवागमन बना रहता है।
हो चुके हादसे
रेलवे ट्रेक पार करने के प्रयास में कई बार यहां हादसे भी हो चुके है। पिछले साल साहरनवास अंडरपास में पानी जमा होने की वजह से रेलवे ट्रेक पार करते समय एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया था। इसके अलावा कुंडल अंडरपास के समीप भी एक बुजुर्ग महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
दो किमी का फेर बचाने को करनी पड़ रही लाइन पार
अंडरपास में पानी की वजह से ग्रामीणों को एक से लेकर दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। या फिर बाइक रेलवे ट्रेक को पार करना पड़ता है, जिसमें हर जान को खतरा बना रहता है। बारिश होने पर इसमें तीन से चार फीट तक पानी भर गया है, जिसकी वजह से बाइक तक उसमें से नहीं निकल पा रहीं हैं। जो लोग पास के गांव जाना चाहते हैं वह दूरी बचाने के चक्कर में रेलवे लाइन पार करके जा रहे हैं।