रेवाड़ी। जिले में डेंगू ने पांव पसार दिए हैं। इस बार हालात और भी खराब होने वाले हैं। चूंकि पिछले साल मिले अब तक के सर्वाधिक 324 मरीजों का आंकड़ा आज पार हो चुका है। पिछले 24 घंटे में मिले 2 नए मरीज मिलने के बाद संख्या 326 पहुंच गई है। इससे पहले 2021 में 306 मरीज ही मिले थे। इस बार तेजी से जिले में डेंगू के केस बढ़ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से वीरवार को 72 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें डेंगू के 02 मरीज मिले हैं। अब डेंगू पॉजिटिव की संख्या 336 पर पहुंच गई है। वहीं विभाग की ओर से अभी तक कुल 4131 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। अभी तक डेंगू के 07 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। हालांकि 85 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी दी जा चुकी है। डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। टीम घर व उनके आसपास भरे पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। लार्वा मिलने पर टीम ने अभी तक 5125 लोगों को नोटिस भी दिए हैं। साथ ही लोगों को भी चेताया जा रहा है कि वह घरों के बाहर और अंदर पानी जमा ना होने दें। क्योंकि डेंगू मच्छर साफ पानी में ही पनपता है।
हर 12वां मरीज डेंगू से पीड़ित
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक 4131 सैंपल लिए, जिसमें हर 12वां मरीज डेंगू से पीड़ित मिला है। जिले में कुल 336 केस मिल चुके हैं। प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है, जिसमें काफी सारे ऐसे मरीज भी हैं, जिनका डाटा तक स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है।
5 जुलाई को मिला था पहला केस
एक जुलाई को रेवाड़ी में मानसून ने दस्तक दी थी। 5 जुलाई को जिले में डेंगू का पहला केस पाया गया। उसके बाद कुछ दिन तो केस कम मिल रहे थे, लेकिन सितंबर में हुई बारिश से डेंगू ने रफ्तार पकड़ ली। अभी भी दो माह बाकी है, जिसमें डेंगू का आतंक पीक पर होता है। वीरवार को जिले में डेंगू के 02 मरीजों की पुष्टि हुई है। अभी तक मिले डेंगू के 336 केस में 187 शहर, 51 बावल, 40 मीरपुर, 25 गुरावड़ा, खोल में 18 व नाहड़ में 15 मिले हैं।
जिले में डेंगू के बढ़ने का सिलसिला लगातार जारी है। इस बार डेंगू के सबसे ज्यादा केस शहरी क्षेत्र में मिले हैं। टीम जांच में सामने आया कि इस बार तेजी से बढ़ रहे मामलों के पीछे केवल जनता खुद जिम्मेदार है। जागरूक होकर भी लोग अपने आसपास पानी को एकत्रित होने दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है।
-डॉ. अमित यादव, जिला मलेरिया अधिकारी, रेवाड़ी