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Rewari News: आईजीयू में बाबू बालमुकुंद गुप्त को नमन किया

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रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के हिंदी विभाग में हिंदी दिवस उत्सव ‘उमंग' के अंतर्गत बाबू बालमुकुंद गुप्त की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर ''''स्वाधीनता आंदोलन और हिंदी'''' विषय पर कविता एवं पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के करीब 25 विद्यार्थियों ने प्रतिभागीता की। विभागाध्यक्ष प्रो. सुभाषचंद्र शर्मा ने बाबूजी बालमुकुंद गुप्त को भारतेंदु हरिश्चंद्र का सच्चा उत्तराधिकारी बताया। उन्होंने बताया कि उनके लेखन में गुलाम राष्ट्र की बेड़ियों को तोड़ने वाला आत्मविश्वास था। उनके गद्य में वह जिंदादिल है जो विपत्तियों पर हंसना जानती थी। उस युग में जब देवनागरी को सरकारी नौकरियों के लिए कोई महत्व नहीं दिया जाता था तब अंग्रेजी सरकार हिंदी भाषा जाति में तरह-तरह के भेदभाव पैदा कर रही थी। ऐसे समय में बाबू बालमुकुंद गुप्त ने हिंदी के माध्यम से अंग्रेजी सरकार की नाक में दम कर दिया। अपने व्यंग्य लेखों से उन्होंने ब्रिटिश सरकार का आतंक अस्त-व्यस्त कर दिया। बाबूजी भाषा साहित्य और राजनीति के सजग प्रहरी थे। हिंदी विभाग ने बाबूजी के योगदान को याद करते हुए अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये। कार्यक्रम का सफल संचालन डा. अमन ने किया। इस अवसर पर हिंदी विभाग के शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी एवं सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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