रेवाड़ी। बावल स्थित पीएमश्री मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय। संवाद
रेवाड़ी। पीएमश्री स्कूलों के तीसरे चरण में जिले के तीन विद्यालयों को पीएम श्री का दर्जा देने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसे लेकर निदेशालय ने डीपीसी कार्यालय से रिपोर्ट मांगी है। फिलहाल डीपीसी कार्यालय ने मॉडल संस्कृति विद्यालय गुडियानी, कन्या मॉडल संस्कृति विद्यालय गुडियानी, मॉडल संस्कृति विद्यालय नांगल जमालपुर को चिह्नित कर इन विद्यालयों के मुखियाओं से ब्योरा मांगा है ताकि विभागीय कार्य आगे बढ़ाया जा सके।
वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पीएमश्री स्कूल का दर्जा उन्हीं विद्यालयों को दिया जाता है जो विभाग की ओर से बनाए गए मानकों पर खरा उतरते हैं जिन विद्यालयों में पर्याप्त कमरों की व्यवस्था हो, खेल का बड़ा मैदान हो, सुंदर गार्डन हो, साफ-सफाई अच्छी हो, फायर सेफ्टी यंत्र हो, आपातकालीन के समय सुरक्षा के उपकरण हों, पर्याप्त स्टाफ व बच्चे हों और भी तमाम मानक शामिल होने जरूरी हैं। उसके बाद ब्लॉक स्तर और जिला स्तर पर कमेटी द्वारा जांच कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जानी होती है।
जिले में 8 पीएम श्री विद्यालय
जिले में मौजूदा समय में कुल 8 विद्यालयों को पीएमश्री का दर्जा मिला है। पहले चरण में इनमें पीएमश्री राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कापड़ीवास, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोरी, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाल्हावास और पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रेवाड़ी शामिल हैं। दूसरे चरण में तीन स्कूलों को पीएमश्री का दर्जा मिला है। इनमें पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना, पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुर्जर माजरी और पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आकेड़ा शामिल हैं। इसके बाद अब जिले के 3 और विद्यालयों को पीएमश्री का दर्जा मिलोगा, जिन पर विभागीय प्रक्रिया प्रगति पर है।
3 नए पीएम श्री विद्यालय खोले जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सबसे पहले चिन्हित स्कूलों की व्यवस्थाओं को जांचा जाएगा और जो पात्र होंगे, उन्हें ही दर्जा मिलेगा।
- हेमंत कुमार, एपीसी डीपीसी कार्यालय रेवाड़ी