बावल। औद्योगिक क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश के लिए स्थानीय थाना पुलिस ने मकान मालिकों से झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले श्रमिकों और किरायेदारों का पंजीकरण कराने की अपील की थी लेकिन बड़ी संख्या में मकान मालिकों ने किरायेदारों का पंजीकरण नहीं कराया है।
कस्बे के औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-बड़ी लगभग 1200 कंपनियां हैं, जिनमें 10 हजार से अधिक श्रमिक काम करते हैं। अधिकांश श्रमिक दूसरे प्रदेशों से आकर बावल व आसपास गांवों में किराए के मकान लेकर रह रहे हैं। वहीं, कस्बा में औद्योगिक क्षेत्र के कारण बनीपुर रुद, जलालपुर, जलियावास, सुठाना, सुठानी, पातुहेड़ा, करनावास आदि गांवों में लोगों ने अपने मकान में किराएदार रखने का व्यवसाय शुरू कर दिया है। किरायेदारों का पंजीकरण कराने को लेकर जब कुछ मकान मालिकों से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अभी किसी का पंजीकरण नहीं कराया है। क्षेत्र में किराएदारों का सत्यापन कराने की मांग कई बार की जा चुकी है। पुलिस विभाग की ओर से पार्षदों, समाजसेवियों, पंच-सरपंचों की बैठक कसोला ओर बावल थाने में बुलाई गई थी। इसमें किरायेदारों का सत्यापन कर जानकारी नजदीकी थाने में देने की अपील की गई थी ताकि आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। पुलिस ने मकान मालिकों को किराएदारों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी मकान मालिक इस पर अमल नहीं कर रहे हैं। संवाद
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- आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए किरायेदारों और झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले अप्रवासी मजदूरों का पंजीकरण नजदीकी थाने में कराएं। इससे आपराधिक गतिविधियों को रोकने में सहायता मिलेगी।- साधुसिंह, समाजसेवी
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औद्योगिक क्षेत्र होने की वजह से यहां पर किराएदारों की भरमार है रिकॉर्ड होना जरूरी है। मकान मालिकों को अपने किराएदारों का पंजीकरण जरूर करवाना चाहिए।- ईश्वर सिंह, समाज सेवी
वर्जन :
बीते महीने एसडीएम के साथ हुई बैठक में किरायेदारों के पंजीकरण का मुद्दा उठाया था। कुछ लोगों ने पंजीकरण करवाया है। पुलिस इसके लिए प्रयासरत है। जागरूक लोगों को खुद पहल करनी चाहिए। जनभागीदारी के बिना कोई भी योजना सफल नही हो सकती।- धनपत सिंह, प्रभारी, बावल थाना।