रेवाड़ी। प्रदेश में जाट आंदोलन के दौरान लूटपाट एवं आगजनी के विरोध में आगे की रणनीति बनाने के लिए पंजाबी समुदाय की ओर से मंगलवार देर शाम मियां वाली पंचायत घर में बैठक हुई। आंदोलन में व्यापारियों की बर्बाद हुई संपत्ति का एक मुश्त मुआवजा देने, दंगाइयों को कड़ी सजा देने एवं उन्हीं से मुआवजा वसूली के लिए सरकार से मांग प्रस्ताव पास किया गया। बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि 17 तारीख के हरियाणा बंद आह्वान पर जिले के सभी व्यापारी पूरा सहयोग देंगे। रेवाड़ी पंजाबी समुदाय के प्रधान मदनलाल झाम ने बताया कि यह आंदोलन के नाम पर पंजाबियों के प्रतिष्ठानों को लूटकर आग के हवाले करने की घटना की निंदा करने के साथ ही दंगाइयों को कड़ी सजा देकर उनसे ही मुआवजा राशि को वसूल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि सरकार ने 13 तारीख तक दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई एवं पीड़ितों को एक मुश्त मुआवजा नहीं दिया तो समुदाय के लोग आमरण अनशन के लिए मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि समुदाय की ओर से अब तक दस लाख की राहत राशि एकत्रित की जा चुकी है, लेकिन टारगेट बीस लाख करने का है। मंगलवार को हुई बैठक में राहत राशि के वितरण के लिए कमेटी बना गई, जो रोहतक, कलानौर, झज्जर एवं गोहाना जाकर फोरी राहत वाले पीड़ितों की मदद करेगी। बैठक में नप उपप्रधान पवन बाठला, डॉ.सोहनलाल, अनिल अरोड़ा, कैशव चौधरी, सलैंद्र सतीजा, राजकुमार कालडा, भीमसैन मखीजा, सचिन मलिक, सुभाष चुघ एवं मास्टर वेदप्रकाश सहित अनेक लोग उपस्थित थे।