धारूहेड़ा। पिछले सप्ताह के सोमवार से ही बाघ की लोकेशन राजस्थान में बताई जा रही है। फिलहाल एक सप्ताह बीत जाने के बाद बाघ की किसी भी प्रकार की हलचल क्षेत्र में नहीं हुई है। धीरे-धीरे जनजीवन भी सामान्य हो रहा है।
लोगों का कहना है कि जब तक बाघ नहीं पकड़ा जाता तब तक कहीं ना कहीं मन में डर बना हुआ है। लोग अगर खेत में भी जाते हैं तो उनके साथ एक ग्रुप होता है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। वहीं, धारूहेड़ा में घुसने के बाद ये बाघ 4 दिनों के अंदर 4 गांवों में लोकेशन बदल चुका था। इनमें ततारपुर खालसा, भटसाना, खरखड़ा और जड़थल गांव शामिल था। प्रशासन लोगों ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह ना फैलाई जाए। अगर कोई सूचना होती भी है तो इसे वन विभाग को तुरंत दी जाए।