रेवाड़ी। अगर आप अफ्रीका, अरब, तुर्किये देश के पशु देखना चाहते हैं तो विदेश में जाने की जरूरत नहीं है। गांव हंसाका में विदेशी तर्ज पर पशुपालन फार्म हाउस बनाया गया है। यह फार्म हाउस एक रिटायर्ड अध्यापक ने बनाया है।
फार्म हाउस को बनाने का मुख्य उद्देश्य अपने आने वाली पीढ़ियों को देशी व विदेशी पशु-पक्षियों के बारे में अपने गांव में ही रहकर उनके बारे में जानकारी देना है। काशीराम यादव के बनाए गए फार्म हाउस में अरब की भेड़, अफ्रीका की बकरी और तुर्किये के मुर्गे सहित अन्य विदेशी नस्ल के पशु-पक्षियां मौजूद हैं। गांव बलियार खुर्द निवासी सेवानिवृत अध्यापक काशीराम यादव 21 नवंबर 2021 को मुख्य अध्यापक के पद से सेवानिवृत हुए थे। सेवानिवृत के पांच साल पहले ही उन्होंने गांव में ही फार्महाउस बना कर विदेशी नस्ल के पशु-पक्षियों को लाना शुरु कर दिया था। वह जहां कहीं भी घूमने जाते वहां से कुछ ना कुछ जरूर लाते हैं। अब यहां पर विदेशी पशु पक्षियों की संख्या काफी अधिक हो चुकी है।
क्षेत्र में बना हुआ है चर्चा का विषय
काशीराम के फार्म हाउस को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं क्योंकि आसपास कोई भी ऐसा फार्म हाउस नहीं है। साथ ही कांशीराम से लोग पशु पक्षियों को कैसे पाला जाता है इसका तरीका भी पूछते हैं। कांशीराम का कहना है कि जब वह रिटायर्ड हुए थे तो पशुपालन को ही अपना आने वाले दिनों का हमसफर चुना था। यही कारण है कि आज वह कामयाब हुए हैं।
आने वाली पीढ़ी देखेगी विदेशी नस्ल के पशु-पक्षी
काशीराम ने बताया कि उन्होंने अपने सेवानिवृत के पांच साल पहले से ही फार्म हाउस बनाने की शुरुआत कर दी थी। कहीं भी घूमने जाते तो वहां से कुछ ना कुछ ले कर आते। विद्यार्थियों को शिक्षा का पाठ पढ़ाने के साथ ही पशु-पक्षी पालन करने में भी काफी रुचि थी। अब वह पशुपालन करने वाले किसानों को तौर तरीके बताते हैं। लोग भी काफी प्रभावित होते हैं। पशुपालन का शौक उन्हें है बचपन से ही था।
फार्म हाउस में दिखेंगे यह पशु-पक्षी
फार्म हाउस में आपको पैरों पर पंख उगने वाला कबूतर, अरब के भेड़, अफ्रीका का बोर कोट, तुर्किये के मुर्गे, कल्पवृक्ष, ढाक के तीन पात तो आपने सुना ही होगा। आप इसे देखना चाहते हैं तो आपको काशीराम के फार्म हाउस में ही आना होगा। काशीराम का कहना है कि पूरा दिन यहीं पर भी जाता है काफी अच्छा लगता है।
रेवाड़ी। फार्म हाउस में पक्षी को पकड़ते काशीराम । संवाद
रेवाड़ी। फार्म हाउस में पक्षी को पकड़ते काशीराम । संवाद
रेवाड़ी। फार्म हाउस में पक्षी को पकड़ते काशीराम । संवाद