रेवाड़ी। माता सावित्री बाई फूले राजकीय महिला महाविद्यालय के भवन की हालत जर्जर, कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यहां दीवारों में बड़ी दरारें भी हो चुकी हैं। चार माह में दो बार लेंटर का प्लास्टर गिर चुका है। अब पीडब्ल्यूडी शायद भवन गिरने का इंतजार कर रहा है। शिकायत के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। जांच के नाम पर कर्मचारी आते हैं और लीपापोती कर चले जाते हैं। महाविद्यालय में करीब 4 हजार छात्राएं पढ़ती हैं।
शहर के सेक्टर-18 स्थित माता सावित्री बाई फूले राजकीय महिला महाविद्यालय में चार माह में दो बार हादसे हो चुके हैं। मई में असिस्टेंट प्रोफेसर छात्राओं को पढ़ा रही थीं। करीब दो मीटर की दूरी पर ब्लैकबोर्ड पर कुछ लिख रही थीं तभी छत का प्लास्टर गिर गया। इससे वह बाल बाल बचीं थी। तरह मनोविज्ञान विभाग के सामने सीढ़ियों की छत का प्लास्टर गिर गया था। गनीमत यह रही कि उस वक्त छात्राएं अपनी कक्षाओं में थीं और उसके दस मिनट बाद ही पीरियड समाप्त हुआ था। उस दिन सुबह तेज बारिश होने के बाद छत और दीवारों पर नमी आने से पहले से ही जर्जर हो रहा प्लास्टर भरभराकर गिर गया। इससे यहां लगा सीसीटीवी कैमरा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
महाविद्यालय की छत और दीवारें जगह-जगह से जर्जर हो रही हैं। दीवारों पर बड़ी दरारें बनी हुईं हैं। यदि तेज आंधी या हल्का भूकंप आता है तो दीवारें गिर सकती हैं और कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस महाविद्यालय में तीन हजार से अधिक छात्राएं पढ़ाई करती हैं। वर्ष 2012 में भवन निर्माण होने के बाद कक्षाएं लगनी आरंभ हुईं थी। करीब दस साल बाद भी इस भवन की मरम्मत या जीर्णोद्धार नहीं किया गया। इस कारण बाहर से देखने पर ऐसा लगता है कि बिल्डिंग को बने हुए वर्षों बीत गए।
दस वर्षों में भवन की मरम्मत तो दूर रंग-रोगन भी नहीं कराया गया
चार माह पहले गिरे प्लास्टर के बाद भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हुए। करीब एक माह पहले उन्होंने क्षतिग्रस्त छत की मरम्मत तो कर दी, लेकिन बाकी जर्जर हालत को सुधारने में कोई रुचि नहीं दिखाई। छात्रावास के भवन की दीवारें भी जर्जर होने लगी हैं। महाविद्यालय का भवन और छात्रावास वर्ष 2016 में महाविद्यालय को हस्तांतरित हुआ था। तब से लेकर अब तक भवन देखकर लगता है कि यह 20 से 25 वर्ष पुरानी है। पिछले दस वर्षोँ में भवन की मरम्मत तो दूर रंग-रोगन भी नहीं कराया गया है। बिल्डिंग की छत के साथ ही दीवारों का भी प्लास्टर गिरने लगा है।
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वर्जन
महाविद्यालय के भवन के दोबारा से मरम्मत कराने के लिए विभाग को पत्र लिख चुके हैं। इसके अलावा डीसी अशोक कुमार गर्ग से भी मिल चुके हैं। डीसी ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द महाविद्यालय के भवन का निरीक्षण करेंगे।
- प्रो. शोभा यादव, प्राचार्य, राजकीय महिला महाविद्यालय, सेक्टर-18