दक्षिणी हरियाणा की राजनीति पूरी तरह से गरमाई हुई है। इसी क्रम में अब केंद्रीय मंत्री राव के कहे जाने वाले तीन रत्नों के फूलों का गुलदस्ता लेकर सुधा यादव के दरबार में पहुंचने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि वे भविष्य की राजनीति को सुरक्षित करने और गिले शिकवे मिटाने के लिए भाजपा नेत्री के घर पहुंचे थे। अब देखना है कि भविष्य में राजनीति का ऊंट किस करवट बैठता है।
15 अगस्त को बावल उपमंडल में ध्वजारोहण के बाद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने आयोजित कार्यक्रम में पार्टी व राजनीतिक विरोधियों पर जमकर निशाना साधा था। बाद में भाजपा आलाकमान ने दक्षिणी हरियाणा के दो नेताओं सुधा यादव और भूपेंद्र सिंह यादव को संगठन में अहम जिम्मेदारी दे दी। दोनों नेताओं को दी गई जिम्मेदारी के पीछे पार्टी की रणनीति माना जा रहा है।
सुधा यादव व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बीच हमेशा राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है। सुधा यादव लोकसभा चुनाव में राव को मात भी दे चुकी हैं। दक्षिणी हरियाणा में नेताओं के अलग-अलग धड़े बने हुए हैं लेकिन जब से सुधा यादव को अहम जिम्मेदारी दी गई है। उसके बाद से ही घड़ों में दरार आने लगी है।
सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का बेहद नजदीकी माना जाता रहा है लेकिन गुरुग्राम से जो पहली फूलों का बुके देने की तस्वीर आई वह डॉ. बनवारी की ही थी। कोसली के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव भी बुके लेकर सुधा यादव के निवास पर पहुंच गए। पुरानी यादों को ताजा किया गया। बताया तो यह भी जा रहा है कि पुराने गिले-शिकवे भी दूर किए गए। ऐसे में रेवाड़ी नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम यादव भी कहां पीछे रहने वाली थीं, वह भी अपने पति बलजीत यादव के साथ फूलों का गुलदस्ता लेकर पहुंच गई। अब फूलों का गुलदस्ता आने वाले दिनों में क्या गुल खिलाएगा यह तो भविष्य के गर्भ में है।
पार्टी में तो लोग आपस में ही मिलते ही हैं : मंत्री डॉ. बनवारी
वह हमारी नेता हैं। पार्टी में तो लोग आपस में मिलते ही हैं। मैं औपचारिकतावश उनसे मिलने चला गया। इसमें कौन सी बात हो गई। -डॉ. बनवारी लाल, सहकारिता मंत्री, हरियाणा सरकार।
प्रमोशन पर बधाई देने चले गए : विधायक लक्ष्मण
सुधा यादव पार्टी की हैं इसलिए प्रमोशन पर बधाई देने चले गए। मैंने उनके चुनावों में काम किया है। सुधा यादव पार्टी की पुरानी नेता हैं। एक औपचारिकता है इस नाते चले गए। -लक्ष्मण सिंह यादव, विधायक।
शिष्टाचार भेंट थी : चेयरमैन पूनम
सुधा यादव से एक शिष्टाचार भेंट थी। गुरुग्राम में जहां वह रहती हैं वहीं मेरी बहन भी रहती है। मैं बहन के यहां गयी थी तो सुधा यादव के पास भी चली गयी। ऐसा कोई खास नहीं था। इंद्रजीत राव की मैं समर्थक हूं। उन्हीं के आशीर्वाद से चेयरमैन बनीं हूं। -पूनम यादव, चेयरमैन, नगर परिषद।