रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के चेयरमैन संजय कुमार खंडुजा ने कार चोरी के मामले में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को 9 प्रतिशत ब्याज सहित बीमा राशि अदा करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही इस कंपनी को शिकायतकर्ता को 25 हजार रुपये मानसिक पीड़ा से राहत एवं 11 हजार रुपये वाद खर्च पूर्ति के लिए अतिरिक्त रूप से देने के आदेश भी दिए हैं। न्यू इंडिया इंशोरेंस कंपनी को कार की बीमा राशि 2,92,495 रुपये शिकायतकर्ता को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करने होंगे।
संबंधित मामले के अनुसार गांव आसलवास की ढाणी निवासी अर्जुन सिंह ने की अल्टो कार 27 फरवरी 2018 को, उस वक्त चोरी हो गई थी, जब वह गाड़ी को खड़ी करके लघुशंका के लिए गए थे। उसने इस वारदात को लेकर वाहन चोरी की केस थाना कसौला में दर्ज कराया गया। चूंकि शिकायतकर्ता ने अपनी कार का बीमा उक्त कंपनी से कराया हुआ था और वाहन चोरी के बाद वह इसका बीमा धन कंपनी से लेना चाहता था। इसके लिए उसने कंपनी अधिकारियों के पास शिकायत भी की। उसने बीमा कंपनी को चोरी हुई कार के लिए 5 लाख रुपये का बीमा दावा 9 प्रतिशत ब्याज की दर से देने के लिए प्रस्तुत किया, मगर बीमा कंपनी ने उसका यह दावा 5 फरवरी 2019 को नामंजूर कर दिया।
ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में अपनी शिकायत लेकर गया। यहां बीमा कंपनी की ओर से यह तर्क दिया गया कि गाड़ी चोरी होने में शिकायतकर्ता की खुद की गलती है। वह गाड़ी की चाबी गाड़ी के अंदर ही छोड़कर गाड़ी से बाहर गए थे। फोरम ने दोनों पक्षों की दलील और पक्ष को सुना और उसके बाद यह निर्णय सुनाया कि बीमा कंपनी शिकायतकर्ता को गाड़ी की बीमा राशि 9 प्रतिशत ब्याज के साथ शिकायत दर्ज कराने की तारीख से प्रदान करने होंगे।