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Rewari News: बीमा कंपनी ने क्लेम किया था रिजेक्ट, अब जुर्माना के साथ देनी होगी पूरी राशि

Mon, 21 Oct 2024 02:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो : 07रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता आयोग रेवाड़ी
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रेवाड़ी। अत्यधिक शराब सेवन के कारण हुई मौत का कारण बताकर एक निजी बीमा कंपनी की तरफ से क्लेम रिजेक्ट करने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने फैसला शिकायतकर्ता के हक में सुनाया है।
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जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा और सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने संयुक्त निर्णय में निजी बीमा कंपनी को 4,04,577 रुपये की राशि शिकायतकर्ता को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ 45 दिन में देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही कंपनी को 50 हजार मानसिक प्रताड़ना की एवज में मुआवजा और वाद में होने वाले खर्च के तौर पर 11 हजार रुपये अलग से पीड़ित को देने होंगे।
दरअसल जिले के गांव खरखड़ा निवासी रिंकी ने पति अजीत सिंह की इलाज के दौरान मृत्यु के पश्चात मेडिकल खर्च के लिए निजी बीमा कंपनी से 4,04,577 रुपये का क्लेम किया गया था, लेकिन कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम रिजेक्ट कर दिया था कि अजीत की मौत ज्यादा शराब पीने की वजह से कार्निक लिवर फेल होने और अन्य अंग निष्क्रिय होने के कारण हुई है, जोकि इंश्योरेंस पॉलिसी की अवहेलना की गई है। इस कारण उसे क्लेम नहीं दिया जा सकता।
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जिला उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी कोई भी ऐसा मेडिकल दस्तावेज साबित नहीं कर सकी, जिससे यह साबित होता हो कि मृतक को एल्कोहलिक लिवर डिजीज थी। इसके अलावा किसी भी डॉक्टर के दस्तावेज में स्पष्ट नहीं हुआ कि ज्यादा शराब के सेवन से अजीत के अंग निष्क्रिय हो गए थे और मृत्यु का कारण बने थे। इतना ही नहीं उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ने निर्णय में स्पष्ट किया कि केवल क्रॉनिक लिवर डिजीज शराब पीने से नहीं बल्कि अन्य कई कारणों से भी हो सकती है। इस मामले में शराब के सेवन करने की कोई गवाही सामने नहीं आई है।




6 अप्रैल 2023 को हुई थी अजीत की मौत



रिंकी के पति को 4 अप्रैल 2023 को एक निजी अस्पताल गुरुग्राम में भर्ती कराया गया था। जहां 6 अप्रैल 2023 को मृत्यु हो गई थी। अजीत की ओर से एक रिलायंस इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी गई थी, जो 18 दिसंबर 2022 से 17 दिसंबर 2023 तक वैध थी। इस पॉलिसी के तहत मेडिकल खर्च का क्लेम जब इंश्योरेंस कंपनी से मांगा गया तो उन्होंने क्लेम देने से मना कर दिया। इसके बाद 17 नवंबर 2023 को शिकायतकर्ता रिंकी ने अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ मिलकर एक शिकायत पत्र अधिवक्ता नवीन जांगिड़ के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में दायर किया था।
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